बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया,विभिन्न कार्यक्रम हुए
बिल्सी। बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में आज हिन्दी दिवस मनाया गया। इस दौरान विद्यालय में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हिन्दी भाषा के महत्व, इसकी समृद्धि और राष्ट्रनिर्माण में इसके योगदान पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किये | इसके पश्चात हिन्दी दिवस के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमे कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया | कार्यक्रम की शुभारम्भ विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय, विद्यालय निदेशिका साधना वार्ष्णेय व प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके हुई | कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हिंदी विषय पर भाषण के माध्यम से कहा कि हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राज भाषा का दर्जा दिया गया। तब से यह दिन हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमें अपना कामकाज अपनी मातृभाषा हिंदी में करना चाहिए। जिससे हिंदी को बढ़ावा मिल सके। विदेशों में भी हिंदी भाषा को महत्व दिया जा रहा है। हिंदी की उपयोगिता अब लोगों को समझ आने लगी है और अंतरराष्ट्रीय कंपनिया भी अब हिंदी को महत्व देने लगी हैं। विश्व के 150 विश्वविद्यालयों एवं सैकड़ों छोटे बड़े केंद्रों में हिंदी पढ़ाई जाती है। निर्णायक मण्डल द्वारा प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, प्रस्तुति शैली और विषय वस्तू के आधार पर मूल्यांकन किया गया | प्रतियोगिता में जूनियर विभाग से कक्षा- 8 से अमीषी वार्ष्णेय ने प्रथम स्थान, कक्षा 7 से नव्या ने द्वितीय स्थान तथा कक्षा 6 से सिद्धार्थ, कक्षा 8 से सत्यम सिसौदिया, कक्षा 8 से कृष्णा मीना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया | माध्यमिक विभाग से कक्षा-10 से मनु उपाध्याय ने प्रथम स्थान , कक्षा 9 से काव्या माहेश्वरी ने द्वितीय स्थान, कक्षा-11 से तृषा साहू तथा कक्षा 12 से अभय दीक्षित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया | विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी भाषा अब सरकारी क्षेत्र से बाहर निकलकर निजी क्षेत्र की भी जरूरत बनती जा रही है। कुछ लोग अपने को ज्यादा पढ़ा लिखा साबित करने के लिए हिंदी भाषा को छोड़ विदेशी भाषा अपना रहे है। यह ऐसे लगता है जैसे वे अपनी बीमार मां को छोड़कर दूसरे की मां की सेवा करके पुण्य कमाना चाहते हों। हिंदी देश की राज भाषा है। शब्दों के आधार पर बात करें तो यह दूसरी भाषाओं से अमीर भाषा है। इसे दूसरी भाषाओं की तुलना में बोलना व लिखना भी आसान है। सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी भाषा का प्रयोग होना चाहिए। यही हिंदी के लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा। प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा कि हिंदी हमारी राज भाषा है। जिसने सारे जन मानस को एकता के सूत्र में बांधा है लेकिन फिर भी हम अपनी भाषा को छोड़कर अन्य भाषाओँ के पीछे लगे हुए है। वर्तमान में अंग्रेजी के महत्व को देखते हुए इसे सीखना बहुत आवश्यक है हमें अपनी मातृभाषा को सम्मान देना आवश्यक है। हिंदी हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई भाषा है। उन्होनें सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह हिन्दी भाषा को भी बढ़ावा दें। विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चो में हिंदी भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न करना है। उन्हें अन्य भाषाओँ के साथ-साथ हिंदी का ज्ञान भी होना आवश्यक है क्योकि यह हमारी मातृभाषा व राजभाषा है। हिंदी हमारी भावों की वाहिका है, संस्कृति है, जीवन शैली है। हमें सदैव इसका प्रचार प्रसार करते रहना चाहिए। केवल हिंदी दिवस मानने के लिए ही हिंदी का प्रयोग न करके पूरा वर्ष ही हिंदी भाषा का प्रयोग बोलचाल, लिखने व अन्य सभी कार्यो में करें। इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।













































































