बदायूं में पुलिस ने सपाइयों को सड़क पर नहीं निकलने दिया, धरना प्रदर्शन
पुलिस ने सपा कार्यालय घेरा,इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
सपा कार्यालय पर सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे, सपा ने ज्ञापन सौंपा
अन्य तहसील मुख्यालयों पर भी इसी तरह हुआ धरना-प्रदर्शन
पंचायत चुनाव में गड़बड़ी, भाजपा और प्रशासन के हस्तक्षेप के खिलाफ हुआ धरना-प्रदर्शन
सपा ने पंचायत चुनाव में गड़बड़ी, भाजपा और प्रशासन के अनावश्यक हस्तक्षेप, बढ़ती महंगाई,बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी,किसानों के ऊपर थोपे जारहे काले कानून,महिलाओं से हो रहे दुर्व्यवहार, स्वास्थ सेवाओं की बदहाली,सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाकर उनका उत्पीड़न करने के विरोध में आज बदायूं तहसील, सहसवान, बिसौली,बिल्सी व दातागंज तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति व राज्यपाल को ज्ञापन भेजे गए।

तहसील बदायूँ का प्रदर्शन सपा कार्यालय पर किया गया।सपा कार्यालय को सुबह से ही पुलिस द्वारा घेर लिया गया,उसके आस पास के इलाके को छावनी में बदल दिया। कार्यालय के गेट से निकलते ही सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को रोक लिया गया। जिससे सपाई धरना-प्रदर्शन के लिए सड़क पर नहीं निकल सके और न ही कलेक्ट्रेट पहुंच सके। सपा कार्यालय पर पहले से ही नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार पहुंच गए। वहीं सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंप दिया।
सहसवान में विधायक ओमकार सिंह यादव व नवाब सिंह,बिसौली में आशुतोष मौर्य व मनोहर सिंह,बिल्सी में विमल कृष्ण अग्रवाल,सिनोद शाक्य,उदयवीर शाक्य,किशोरीलाल शाक्य,बदायूँ में डॉ० मौलाना यासीन अली उस्मानी,पूर्व विधायक आशीष यादव,पूर्व विधायक मुस्लिम खाँ,सपा नेता फखरे अहमद शोबी,ओमवीर सिंह,अशोक यादव,दातागंज में अवनीश यादव व विवेक यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपा।

महिला सभा की जिलाध्यक्ष संतोष कश्यप के माताजी की निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इससे पूर्व सपा कार्यालय पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में जिस प्रकार की गुंडागर्दी करके भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र की हत्या की है उसको इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।३ जुलाई व १० जुलाई २०२१ को सत्ता पक्ष के प्रत्याशियों को जिताने के लिये जिस प्रकार सोचे समझे षड्यंत्र के तहत हेल्पर लगाकर जबरन वोट पड़वाये गए इसमे प्रशाषन के अधिकारियों की अहम भूमिका रही।ब्लॉक प्रमुखी के नामांकन के दौरान पुलिस प्रशाषन ने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में जगह सपा प्रत्याशियों को जबरन रोका और उनके नामांकन पत्र फटवा कर सैकड़ों ब्लॉकों में नामांकन नही होने दिया।इन चुनावों में भारत के संविधान को नजरअंदाज करते हुए ये भाजपा सरकारे हिटलर और मुसोलिनी से भी आगे निकल गईं हैं।इसके अतिरिक्त बढ़ती महंगाई,बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी,किसानों के ऊपर थोपे जारहे काले कानून,महिलाओं से हो रहे दुर्व्यवहार, स्वास्थ सेवाओं की बदहाली,सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाकर उनका उत्पीड़न करने के विरोध में हम सभी ये प्रदर्शन कर रहे है।आने वाले समय मे जनता इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ कर फेंकने का कार्य करेगी।
डॉ० मौलाना यासीन अली उस्मानी,पूर्व विधायक आशीष यादव,पूर्व विधायक मुस्लिम खाँ, फखरे अहमद शोबी,ओमवीर सिंह,अशोक यादव,यासीन अहमद गद्दी,रईस चौधरी,मो० मियाँ,सोहेल सिद्दीकी,सलीम अहमद,अहमद परवेज़,असरार अहमद,आमिर सुलतानी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

प्रदर्शन में पार्टी के नेता धर्मेन्द्र यादव के सचिव।विपिन यादव,अवधेश यादव, पूर्व सदस्य वाणिज्य कर सलाहकार समिति उत्तर प्रदेश के रजनीश गुप्ता संतोष कश्यप,वैभव उपाध्याय,शशांक यादव,राजवीर सिंह, फरहत अली,अली अल्वी,राहुल कुर्मी,जीतेश एन० लाल,राजू यादव,मोहित पटेल,अनिल पटेल,मीरा,सबीना,फरजाना बी,हसीना नफ़ीसा, प्रवेंद्र यादव,सौरभ सक्सेना,कौशल यादव,अंकित सारस्वत,वसीम गद्दी,शमीम गद्दी,राखी जोशी,गीता,फिरदौस,राजकुमार कश्यप,राजपाल सिंह राजू,अनिल पाल,मो० याकूब सैफ़ी,रेहान हुसैन,विनेश यादव,आकाश सिंह,जमीर खाँ,खालिद रजा,रनवीर सिंह,जयवीर चंद्रवंशी,कुलदीप यादव,हरिभान सिंह,शिवा कन्नौजिया,ज्ञानेंद्र शंखधार,अजय कुमार गुर्जर,फहीम उद्दीन,मो० फैसल,अनिल आनंद, प्रभात अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।













































































