बदायूं : किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (असली) की मासिक पंचायत

बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (असली) ने तहसील सदर में किसानों व मजदूरों की समस्याओं को लेकर मासिक पंचायत आयोजित की। पंचायत की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष हरीश पटेल ने की जबकि संचालन जसवीर यादव वकील साहब ने किया। पंचायत को संबोधित करते हुए अध्यक्ष हरीश पटेल ने कहा कि पंजाब एंड सिंध बैंक किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड पर एक वर्ष में दो बार ब्याज पर ब्याज वसूल रहा है। जबकि अन्य बैंक—स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक—साल में केवल एक बार ब्याज वसूलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की इस लूट की शिकायत 23 फरवरी 2024 को जिलाधिकारी को की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बैंक के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जिले में यूरिया व डीएपी खाद की भारी किल्लत है। समितियों और प्राइवेट दुकानों पर किसानों से लगेज के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। यूरिया 280 से 300 रुपये में तथा डीएपी 1450 से 1550 रुपये में बेची जा रही है, जिससे किसान बुरी तरह परेशान हैं। जसवीर सिंह, तहसील अध्यक्ष ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई जा रही टंकियों में मानक के विपरीत निर्माण कार्य हो रहा है। ठेकेदार सीमेंट और सरिया को बाहर बेच रहे हैं, जिसके कारण आए दिन टंकियां गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिला अध्यक्ष केपीएस राठौर ने पंचायत में कहा कि गांव-गांव बारिश का पानी भरा हुआ है, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियां फैल रही हैं, इसलिए तत्काल दवा का छिड़काव कराया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बदायूं-वजीरगंज रोड दादी की रसोई पेट्रोल पंप के पास टूटा हुआ है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग को तुरंत सड़क की मरम्मत करानी चाहिए। उन्होंने आवारा गौवंश से किसानों की फसल बचाने की मांग उठाई। साथ ही स्मार्ट मीटर को मजदूर-किसानों की जेब पर डाका करार दिया। जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों को न तो मर्ज किया जाए और न ही बंद किया जाए, क्योंकि इससे गरीब किसानों-मजदूरों के बच्चों की शिक्षा पर संकट आ जाएगा। राठौर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान संगठनों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र और ज्ञापन को कचरे की टोकरी में डाल दिया जाता है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने 6 बिंदुओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर अवगत कराने की मांग की। पंचायत में शामिल प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता : हरीश पटेल, प्रताप सिंह, पप्पू मोरिया, सूरजपाल सिंह, अशोक पटेल, बेला, जसवीर यादव वकील साहब, अखिलेश गुप्ता, कमल गुप्ता, महिपाल वर्मा, हरबंस पटेल, सूर्य प्रताप यादव, प्रदीप कुमार शायर भाई, नवीन अंसारी, कल्लू वाल्मीकि, राजेश भैया, पूनम गुप्ता आदि।