बदायूं में रक्षाबंधन पर मिष्ठान और राखी की दुकानों पर उमड़ी भीड़, जमकर हुई खरीदारी

बदायूं। रक्षाबंधन के पावन पर्व ने बदायूं शहर के बाजारों में रौनक लौटा दी। भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक यह त्यौहार इस बार पूरी धूमधाम से मनाया गया। शहर में सुबह से ही मिष्ठान और राखी की दुकानों पर खरीदारों की लंबी कतारें देखी गईं। बाजार में दिनभर रौनक बनी रही और कारोबारियों के चेहरे पर भी संतोष झलकता रहा।
रक्षाबंधन से एक दिन पहले ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई थी। खासकर मुख्य बाजार, सदर बाजार, पट्टी, मेला रोड, लावेला चौक, आलापुर, इस्लामिया बाजार और अन्य व्यस्त इलाकों में कल शाम से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। महिलाएं और बच्चियां रंग-बिरंगी राखियों की दुकानों पर मनपसंद राखियां चुनने में व्यस्त रहीं, तो वहीं मिष्ठान की दुकानों पर लड्डू, बर्फी, गुजिया, पेड़ा और खासतौर पर काजू कतली की मांग ने विक्रेताओं को व्यस्त रखा।
त्योहार के दिन सुबह से ही मिष्ठान की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। कई दुकानों के बाहर ग्राहकों की लाइनें लगी रहीं। दुकानदारों के अनुसार, इस बार बिक्री में पिछले साल की तुलना में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। मिष्ठान विक्रेताओं ने बताया कि त्योहार से दो-तीन दिन पहले से ही ऑर्डर मिलने शुरू हो गए थे और डिमांड को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी काम पर लगाना पड़ा।
राखी की दुकानों पर भी ग्राहकों का तांता लगा रहा। इस बार बाजार में डिजाइनर राखियों के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल राखियों की भी अच्छी मांग रही। कई दुकानों पर बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां, फैंसी लूम्बा और चमकीले डिजाइन खूब पसंद किए गए। वहीं, पारंपरिक सूती और मोती वाली राखियों की भी खरीदारों ने खूब सराहना की।
त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने भी शहर के प्रमुख बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगातार बाजारों में गश्त कर रहे थे, ताकि भीड़ के बीच कोई अव्यवस्था न हो।
व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर मिष्ठान और राखी की बिक्री से बाजार में करीब 20 से 25 प्रतिशत अधिक कारोबार हुआ है। दुकानदारों ने खुशी जताते हुए कहा कि लंबे समय बाद त्यौहार पर इतनी अच्छी बिक्री देखने को मिली है, जिससे व्यापारियों में उत्साह है।
खरीदारी के दौरान भाई-बहनों के चेहरों पर त्योहार की खुशी साफ झलक रही थी। बहनों ने मनपसंद राखियां खरीदकर अपने भाइयों की कलाई सजाने की तैयारी की, तो भाइयों ने भी उपहार और मिठाई के पैकेट तैयार किए। रक्षाबंधन का यह उल्लास पूरे दिन शहर के हर कोने में महसूस किया गया।
त्योहार के दिन बाजार की यह रौनक न केवल व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित हुई, बल्कि शहर में एक सकारात्मक और उत्सवपूर्ण माहौल भी लेकर आई। रक्षाबंधन ने एक बार फिर साबित किया कि चाहे समय जैसा भी हो, भाई-बहन का यह पवित्र बंधन हमेशा रंगों, मिठास और प्यार से भरपूर रहेगा।