‘सरकार ने आपकी कार पर बैन लगाया, टैक्सी किराया किया दोगुना’ — सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

नई दिल्ली। सरकार ने राइड-शेयरिंग कंपनियों जैसे ओला, उबर, इनड्राइव और रैपिडो को अब पीक आवर्स (जब मांग सबसे ज्यादा होती है) में दोगुना किराया वसूलने की इजाजत दे दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ओर से हाल ही में लागू की गई मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस (MVAG) 2025 के तहत अब इन कंपनियों को बेस फेयर का 2 गुना किराया लेने की छूट मिल गई है। इससे पहले ये सीमा 1.5 गुना थी।जहां कैब कंपनियां इस फैसले से खुश हैं, वहीं आम लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जोर-शोर से जाहिर कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस फैसले को ‘खुली लूट’ बताया जा रहा है।
‘खुली लूट है ये’, सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़के
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, पीक आवर्स में अधिकतम किराया बेस फेयर का दो गुना और न्यूनतम किराया बेस फेयर का 50 प्रतिशत रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे कैब किराए को लेकर पारदर्शिता आएगी, लेकिन आम यात्रियों को ये बात रास नहीं आई।
सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर अंकित मयंक नाम के यूजर ने लिखा, “मिडल क्लास पर एक और वार। मोदी सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो को खुली लूट की छूट दे दी है। पीक टाइम में किराया दो गुना, कैंसिल करने पर 10 प्रतिशत चार्ज, ऊपर से पुरानी कारें भी स्क्रैप हो जाएंगी। इतिहास की सबसे ज्यादा मिडल क्लास विरोधी सरकार।”एक अन्य यूजर सुप्रिया हांसदा ने लिखा, “पहले हमारे फ्यूल पर टैक्स लगाया, फिर हमारे सपनों पर टैक्स लगाया। अब सवारी करने पर चार्ज और कैंसिल करने पर जुर्माना। फिर भी कहते हैं ये अमृत काल है – पर किसके लिए? मिडल क्लास के लिए तो नहीं।”
KM_KM नाम के यूजर ने लिखा, “सरकार ने उबर, ओला, रैपिडो को 1.5 गुना से बढ़ाकर 2 गुना पीक प्राइसिंग की इजाजत दी है। पहले आपकी कार बैन की, फिर महंगी टैक्सी की मजबूरी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कोई विकल्प नहीं। आप कुछ नहीं रखेंगे और फिर भी… खुश रहेंगे या दुखी?
कांग्रेस का सरकार पर तंज
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “अगर आप ओला, उबर या रैपिडो से चलते हैं तो अब और ज्यादा पैसे देने के लिए तैयार हो जाइए। सरकार ने इन कंपनियों को पीक टाइम में किराया दोगुना करने और राइड कैंसिल करने पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने की इजाजत दे दी है। धन्यवाद मोदी जी।”