पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM को लिखा पत्र, पुराने वाहनों को तेल न देने के निर्देश पर रोक लगाने का आग्रह

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 नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पत्र लिखकर निर्देश संख्या 89 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने को कहा है। जिसके तहत दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को ईंधन देने से मना किया गया है।पत्र में मंत्री ने कहा कि हम आयोग से आग्रह करते हैं कि निर्देश संख्या 89 के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। जब तक कि स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली पूरे एनसीआर में एकीकृत नहीं हो जाती। हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार के चल रहे बहुआयामी प्रयासों से वायु गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार आएगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हमने उन्हें बताया है कि जो ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं, वे मजबूत सिस्टम नहीं हैं और उनमें अभी भी कई चुनौतियां हैं। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।आगे कहा कि तकनीकी गड़बड़ियां, सेंसर का काम न करना और स्पीकर का खराब होना, ये सभी चुनौतियां हैं। इसे अभी तक एनसीआर डेटा के साथ जोड़ा नहीं गया है। यह एचएसआरपी प्लेटों की पहचान करने में सक्षम नहीं है। हमने यह भी कहा कि गुड़गांव, फरीदाबाद और गाजियाबाद और बाकी एनसीआर में अभी तक ऐसा कानून लागू नहीं किया गया है। तब तक के लिए इस पर रोक लगाई जाए।  दिल्ली में बीती 1 जुलाई 2025 से उम्र से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल नहीं नहीं मिल रहा है। यानी अगर आपकी डीजल गाड़ी 10 साल से पुरानी है या पेट्रोल गाड़ी 15 साल से पुरानी है, तो उसे पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं उसे जब्त भी कर लिया जाएगा।  जानें लोगों ने क्या कहा एक वाहन मालिक ने बातचीत के दौरान कहा कि दिल्ली के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वह अच्छे हैं। वाहनों से होने वाला प्रदूषण बहुत ज़्यादा है, इसलिए उठाए जा रहे कदम अच्छे हैं। अगर वाहन पुराना है, तो नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे आगे आएं। इसी तरह के कदम सभी मेट्रो शहरों में उठाए जाने चाहिए।वहीं दूसरे वाहन मालिक ने कहा कि मैंने 2017 में एक स्कॉटी खरीदी थी। यह फैसला उन लोगों के लिए गलत था, जो नया वाहन खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। जब मैं किसी वाहन को प्रदूषण फैलाते देखता हूं, तो मैं उनसे कहती हूं कि वे अपना प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा लें, क्योंकि हमें उनके कारण परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए सरकार का यह फैसला अच्छा है। क्या है यह नया नियम?
दरअसल, अप्रैल 2025 में ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि 1 जुलाई से सभी ‘एंड ऑफ लाइफ’ (ईओएल) यानी तय उम्र पार कर चुकी गाड़ियों को फ्यूल देना बंद किया जाए। इसमें डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल की समयसीमा तय की गई है। दिल्ली के सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर 30 जून तक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का आदेश दिया गया था। ये कैमरे नंबर प्लेट पढ़कर यह पहचान लेंगे कि गाड़ी कितनी पुरानी है। यदि कोई गाड़ी तय समय सीमा से ज्यादा पुरानी पाई गई, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा। जो मोटर व्हीकल एक्ट, 1989 के तहत आता है। जिसमें कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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