अमरनाथ यात्रा: टोकन में देरी पर विवाद…धक्कामुक्की; किसी की चप्पल छूट गई तो कोई आधार कार्ड छोड़ भागा”

जम्मू। अमरनाथ यात्रा में महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल हैं। सरस्वती धाम के बाहर करीब डेढ़ हजार महिलाएं टोकन के इंतजार में जमा हुईं, लेकिन अव्यवस्था की वजह से टोकन नहीं मिल पाया। अपने जत्थे के साथ आईं महिलाएं भी पहलगाम और बालटाल के लिए बने केंद्र के बाहर देर रात से ही बैठना शुरू हो गई थीं। सुबह तक सड़क पर महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ में धक्कामुक्की होने से एक महिला के हाथ पर गंभीर चोट आई है। महिलाओं ने उन्हें समय पर टोकन न मिलने की बात कही है। महिलाओं ने बताया कि वे बीते दो दिन से जम्मू में हैं, उन्हें उम्मीद थी कि टोकन जल्द मिल जाएगा और वे आगे की यात्रा अपने परिवार के साथ जारी रख पाएंगी लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया है।झारखंड की अनीता देवी ने बताया कि वे पहली बार अमरनाथ यात्रा पर आई हैं। टोकन मिलने में देरी हो रही है। इससे थोड़ी निराशा है, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी पूरी आस्था है और वे इस यात्रा को पूरा करेंगी। मेरठ की हेमलता ने बताया कि प्रशासन को इंतजाम और अधिक पुख्ता करने चाहिए थे, ताकि शिवभक्तों को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था नहीं
मैं 50 फीसदी दिव्यांग महिला हूं और मंगलवार शाम चार बजे से ही लाइन में लगी हुई हूं। रात की धक्कामुक्की में गिरने से हल्की चोट आई थी। इसे लेकर प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। यहां प्रशासन ने दिव्यांग शिवभक्तों के लिए कोई सुविधा नहीं उपलब्ध कराया गया।-पिंकी, पिलखुआ, उत्तर प्रदेश
हाथ में आई गंभीर चोट
पिछले दो दिन से अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए हम यात्रा टोकन पर्ची और पंजीकरण करवाने के लिए सरस्वती धाम का चक्कर लगा रही हूं।अभी तक कोई टोकन नहीं मिला है, बल्कि उसके एवज में गहरे जख्म अवश्य मिल गए हैं। भगदड़ की वजह से हाथ में गंभीर चोट आई है।-सावित्री देवी, खरगोन, मध्य प्रदेश
महिला यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं
यहां अंदर से लेकर बाहर तक कोई व्यवस्था सही नहीं है। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे मंगलवार से अंदर तक पहुंच गए थे, लेकिन जब बारी आई तो कागज पूरे न होने की बात कहकर बाहर भेज दिया गया। अधिकारियों ने जो कागज मांगे थे वो सभी दिखाने के लिए सामने रखे थे।-सोनाबाग चौधरी, हुगली कोलकाता