बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने मंगलवार को कहा कि भारत सरकार द्वारा जातीय जनगणना की अधिसूचना जारी किया जाना एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला है। यह केवल गिनती नहीं, बल्कि हकदार समाजों को उनका हक, सम्मान और बराबरी दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। बरेली मंडल के अंतर्गत मत्स्य पालकों की मंडलीय गोष्ठी को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ. निषाद ने कहा- “गिनती से ताकत मिलेगी, ताकत से बराबरी मिलेगी।” उन्होंने कहा कि निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, कश्यप, गोंड, धीवर, मांझी, बाथम, रायकवार जैसे पारंपरिक, जलाशय आधारित, सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों की वास्तविक जनसंख्या अब सामने आएगी। इससे इन समाजों को राजनीतिक, आर्थिक और शैक्षिक हिस्सेदारी उनकी जनसंख्या के अनुपात में मिल सकेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह निर्णय वंचित समाज को हिम्मत, हक और बराबरी की ताकत देगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि सभी लोग ईमानदारी और एकजुटता से इस जनगणना में भाग लें ताकि ‘गिनती होगी तभी हक मिलेगा’ का सपना साकार हो। इस अवसर पर बरेली मंडल के विभिन्न जिलों से आए मत्स्य पालक, मछुआ प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और निषाद पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।