बरेली। हज़रत कोहाड़ापीर शाह बाबा के कुल शरीफ का आयोजन अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी में श्रद्धा और अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानख़ानी से हुई। इसके बाद ग़ुस्ल शरीफ कर सन्दल पेश किया गया। सन्दल की पेशकश दरगाह शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलैह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी, वसी अहमद वारसी, नईम वारसी, अकरम वारसी और सलीम रज़ा द्वारा की गई। इसके पश्चात महफिल-ए-समा का आयोजन हुआ, जिसमें फनकार मोबिन नियाज़ी ने बुज़ुर्गाने-दीन की शान में सूफियाना कलाम पेश किए। राग शरीफ के बाद सुबह 10:30 बजे अब्दुल वाजिद खां नूरी ने कुल शरीफ की फातिहा पढ़ी। इस मौके पर हिंदुस्तान में अमन-ओ-चैन, भाईचारे, सलामती और खुशहाली के लिए खास दुआ की गई। साथ ही अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों की मगफिरत के लिए भी विशेष दुआ की गई। इस अवसर पर शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी की जानिब से दरगाह पर चादर और गुलपोशी की गई। चौधरी असलम मियां ने बताया कि उर्स के मुबारक मौके पर इंस्पेक्टर प्रेमनगर व चौकी इंचार्ज कोहाड़ापीर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में दरगाह प्रबंधक चौधरी अहमद मियां ने शासन, प्रशासन और सभी सहयोगियों का आभार जताते हुए चार दिवसीय उर्स के समापन की घोषणा की। कुल शरीफ में शिरकत करने वालों में खानकाहे निज़ामिया के गद्दीनशीन हज़रत पाशा मियां निज़ामी, हाजी नुरुल्लाह, क़सम उद्दीन घोसी, हाजी अशरफ खां समेत बड़ी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे।