बदायूं गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर गायत्री जयंती, गंगा दशहरा और युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस पर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। दीक्षा संस्कार के साथ पुंसवन, विद्याराम, यज्ञोपवीत आदि संस्कार हुए। कन्या भोज कराकर दान दक्षिणा दी गई। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेन्द्र नाथ शर्मा ने कहा कि मां गायत्री चारों वेदों की माता है। गायत्री मंत्र का निर्मल मन से जप करने से जन्म-जन्मांतरों के दुःखों का नाश होता है। पाप मिट जाते हैं। गौ, गंगा, गायत्री और गीता जीवनदायिनी है। परिव्राजक बेचे लाल, रेखा देवी और जिला समन्वयक नरेन्द्र पाल शर्मा ने वेदमंत्रोच्चारण कर यज्ञ संपन्न कराया। लोक कल्याणार्थ यज्ञ भगवान को गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेषता आहुतियां समर्पित कीं। भुवनेश कुमार शर्मा ने मां गायत्री का पूजन किया। युग ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का ममता शर्मा का आत्मीय परिजनों ने पूजन किया। इस मौके रामचन्द्र प्रजापति, पीसी शर्मा, जगदम्बा सहाय, दिनेश गुप्ता, संजय साहू, मनोज मिश्रा, सीमा गुप्ता, रजनी मिश्रा, वर्षा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।