योग प्रशिक्षण के दूसरे दिन कपालभाति, भ्रामरी व उद्गीथ प्राणायाम का हुआ अभ्यास
बदायूं। एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय बरेली के के आह्वान पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा चलाए जा रहे पांच दिवसीय ऑनलाइन योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन राजकीय महाविद्यालय बदायूं की स्वयंसेविका कुमारी अभिलाषा यादव ने जनपद के एनएसएस स्वयसेविओं एवं कार्यक्रम अधिकारियों को कपालभाति,भ्रामरी एवं उद्गीथ प्राणायाम का प्रशिक्षण प्रदान किया।मुख्य अतिथि कार्यक्रम समन्वयक डॉ सोमपाल सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि अभिलाषा यादव की योगविद्या में निपुणता युवाशक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि 21 जून विश्व योगा दिवस पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन समापन समारोह होगा जिसमें विश्विद्यालय परिक्षेत्र के सभी नौ जिले के वालंटियर्स भाग लेंगे तथा पतंजलि योग ट्रस्ट के योग गुरु बालकृष्ण जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
कुमारी अभिलाषा यादव ने कपालभाति, भ्रामरी एवं उद्गीथ प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए उसके लाभ से भी परिचित कराया तथा विशेष प्रकार की सावधानियां बरतने के लिए सचेत किया।अभिलाषा ने कहा कि उद्गीथ जप श्वसन और ॐ उच्चारण प्राणायाम है। भगवान ने इस शरीर को और इस ब्रह्मांड को ओमकार के रूप में बनाया है।ओमकार कोई विशेष व्यक्ति या आंकड़ा नही है बल्कि एक दिव्य शक्ति है जो पुरे ब्रह्मांड को नियंत्रित करती है। ॐ का जप या उच्चारण करने से अपार उर्जा की प्राप्ति होती है। गहरी सांस लेते और छोड़ते हुए जितना लंबा आप ॐ का उच्चारण करते हो उतना ही अधिक यह आपके लिए लाभदायक होता है तथा इससे मन को अपार शांति मिलती है।
बिल्सी के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अपनी जीवनचर्या में प्राणायाम को शामिल करें तो उनका सर्वांगीण विकास होगा।गिन्दो देवी महिला कॉलेज की कार्यक्रम अधिकारी डॉ इति अधिकारी ने कहा कि मानव मस्तिष्क और शरीर की शुद्धता को बनाए रखने के लिए प्रतिदिन प्रातः काल का प्राणायाम अमृत के समान है। बांके बिहारी कॉलेज के डॉ अवनीश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्राणायाम प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति का यह अनमोल विधा है जिसका उपयोग कर युवाओं का देश भारत सशक्त युवा देश बनेगा।
कार्यक्रम के आयोजक एनएसएस नोडल अधिकारी डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए जनपद के अधिक से अधिक युवाओं को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शिवम यादव, गुरु चरण गुप्ता, देवांश श्रीवास्तव,प्रशांत श्रीवास्तव, एकता सक्सेना, बलराम यादव,अनु यादव,भूपेंद्र सिंह, भगवान सिंह राजपूत, वैष्णवी गुप्ता, राजेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।













































































