बिल्सी। किसानों की समस्या दूर कर सहूलियत के दावे बेशक सरकार की ओर से किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर अफसरों की अनदेखी से किसानों का शोषण किया जा रहा है। नगर की गल्ला मंडी में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र का हाल ही देख लीजिए यहां पांच दिन से किसान अपने गेंहू को बेचने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। क्रय केंद्र पर वारदाने के चलते तोल नहीं हो पा रही है। इसके अलावा केंद्र पर मूलभूत सुविधाएं तो दूर, किसानों के गेहूं की खरीद भी नहीं की जा रही है। कृषि कानून के बीच प्रदेश सरकार द्वारा क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं की फसल का दाम 1975 रुपया प्रति क्विंटल घोषित किया गया। तब किसान को उम्मीद जगी, शायद सरकार के निर्देशों पर गेहूं की खरीदारी क्रय केंद्रों पर होगी। मगर सरकार के सभी दावे हवाई हो गए। जिससे किसानों में रोष है।