गीता जयंती के अवसर पर मुमुक्षु आश्रम में रासलीला का शुभारंभ
शाहजहांपुर। शहर में पहली बार गीता जयंती के अवसर पर मुमुक्षु आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में गीतोउपदेश (कृष्ण लीला) का मंचन विश्व प्रसिद्ध रासाचार्य श्रीमद् स्वामी देवकीनंदन जी महाराज की रासलीला मंचन का आज शुभारंभ हो गया। शुभारंभ का पूजन स्वामी धर्मानंद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. अमीर चंद्र ने किया। आज सबसे पहले कलाकारों ने मनमोहक मोर नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। इसके उपरांत वासुदेव देवकी को जेल, कृष्ण जन्म आदि लीलाओं का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान रास-लीलाओं को देख दर्शकों को ऐसा लगा है मानो वे असलियत में श्रीकृष्ण के युग में पहुंच गए हों। वृंदावन के कलाकारों ने रासलीला का वास्तविक अर्थ नृत्य,गान एवं अभिनय तीनो कलाओं के समावेश कर रासलीला को जीवंत बना दिया। बाल कृष्ण रुप का जीवंत अभिनय कर केशव गुप्ता ने सभी को भाव विभोर कर दिया। बीच-बीच में हास्य का प्रसंग ने लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।विदूषक के रूप में ‘मनसुखा’ ने साथ-ही-साथ दर्शकों का भी मनोरंजन किया।

आज की लीला के समापन पर एस पी ग्रामीण मनोज कुमार अवस्थी ने ठाकुर जी की आरती की। इस दौरान मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, सचिव डा. अवनीश मिश्रा, एस एस कालेज के प्राचार्य डा. आर के आजाद, डा. अनुराग अग्रवाल, सुयश सिन्हा, श्री प्रकाश डबराल, डा. आलोक कुमार सिंह, डा. कविता भटनागर, डा. जे एस ओझा, फिरोज हसन खां सहित भारी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। आयोजन में राम निवास गुप्ता, चंद्रभान त्रिपाठी, अवनीश सिंह चौहान, शिव ओम शर्मा, आदि का विशेष सहयोग रहा। मुमुक्षु आश्रम के सचिव डा. अवनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि मुमुक्षु शिक्षा संकुल के स्वामी धर्मानंद इण्टर कालेज मैदान में 11 दिसम्बर तक प्रतिदिन सायं 03 बजे से सायं 06 बजे तक रासलीला का मंचन किया जायेगा। मंचन के दौरान श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है, साथ ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।













































































