बाबा फुलसंदे वालों ने कहा सत्य के मार्ग पर चलने वाला सदैव मंजिल को प्राप्त करता
बदायूं। गुरुद्वारा हाल जोगीपुरा में चल रहे बाबा फुलसंदे वालो के तीन दिवसीय सत्संग का आज गुरुवार को समापन हो गया। सत्संग के तीसरे और अंतिम दिवस बाबा फुलसंदे वालो ने कहा कि सत्य की कभी हार नहीं होती, सत्य के मार्ग पर चलने वाला सदैव मंजिल को प्राप्त करता है । बाबा ने प्रसंग के माध्यम से कहा कि मानव को सदैव अपने धर्म और सत्य का पालन करना चाहिये । मनुष्य को कभी निराश नहीं होना चाहिए, कितनी भी विषम परिस्थितियाँ क्यों न हों । साथ ही बाबा ने कहा कि भ्रमों से रहित निर्मल दृष्टि वाले व्यक्ति ही अंधकार से निकलकर परमात्मा की शरणागति रूपी प्रकाश को प्राप्त कर पाते हैं और पृथ्वी पर रहते हुए भी दिव्य लोक के अधिक करीब रहते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी वस्तु का कोई भी रूप हो हमें उसके पीछे के सत्य को देख लेना ही सच्चा ज्ञान है।

जो आत्माएं पृथ्वी पर सत्य का ज्ञान प्राप्त कर लेती हैं वह आगमन से मुक्त हो जाती हैं। बाबा ने एक भजन ‘‘पतझड़ में बहारों में वो याद करे तुमको’’ के माध्यम से कहा कि गुरु की संगत में रहते हुए जो लोग अपनी संगत खराब बनाये रहते हैं उन्हें परमात्मा वैसा ही फल देता है। उन्होंने एक रीछ की कहानी के माध्यम से इस बात को सिद्ध करके बताया। उन्होने कहा कि गुरु अपने शिष्यों को विनम्र बनाते हैं। सत्संग के अंतिम दिवस सुशील धींगड़ा, विजय मैंहदीरत्ता, विश्णु देव चाडक्य, शिव स्वरूप गुप्ता, विवेक खुराना, चुन्नी लाल डुडेजा, पंकज कटारिया, सरदार महेन्द्र सिंह, अमृत गाँधी, जगदीश सरन शर्मा, षटवदन शंखधार, आदि भक्तों ने बाबा को फूलमालायें पहनाकर व शाल ओढ़ाकर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम आयोजक वरिष्ठ साहित्यकार अशोक खुराना ने सभी का आभार व्यकत किया। इस अवसर पर एम0पी0 शर्मा, राजकुमार गाँधी, सुनील गुप्ता, रवेन्द्र भारद्वाज, ऋशिपाल सिंह, अशोक कुमार, सोहित मौर्य, मुनेन्द्र कश्यप, सुरेन्द्र गौड, डा0 कमला माहेश्वरी, हेमा अरोरा, कविता गाँधी, कीर्ति धींगड़ा, दीप खुराना, गुंजन गांधी व शिखा कपूर आदि भक्तगण उपस्थित रहे ।













































































