पांच बच्चों समेत 10 की मौत; सीएम ने लिया संज्ञान, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

मेरठ। कई दिनों से लगातार पड़ रही बारिश के दौरान शनिवार को लोहिया नगर क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। लगभग 50 साल पुराना तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। एक ही परिवार के 15 लोग और दर्जनों मवेशी मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद एडीजी से लेकर जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिलाओं और पांच बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच का मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा है। जाकिर कॉलोनी गली नंबर सात में नफ्फो उर्फ नफीसा का 300 गज में तीन मंजिला मकान है। बताया गया है कि यह मकान लगभग 50 साल पुराना था। ग्राउंड फ्लोर पर नफ्फो के बेटे डेयरी चलाते थे। जबकि, ऊपर की दो मंजिलों पर नफ्फो के बेटे साजिद, उसकी पत्नी सायमा, नईम और उसकी पत्नी अलीशा, बेटी रिमशा, नदीम और उसकी पत्नी फरहाना, बेटा हमजा, शाकिर और उसकी पत्नी साहिबा समेत 15 लोग रहते थे। क्षेत्रवासियों के मुताबिक शनिवार शाम करीब 4:30 बजे यह मकान अचानक भरभरा कर जमींदोज हो गया। तेज धमाके के साथ इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मौके पर भीड़ लग गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। जानकारी के बाद थाना पुलिस से लेकर एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी नचिकेता झा, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी विपिन ताडा सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।पुलिस ने क्षेत्रवासियों की मदद से मलबे को हटाने का काम शुरू किया। संकरी गलियों के चलते जेसीबी और एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंच सकी। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को रविवार सुबह तक निकाला गया। जबकि उसके बाद करीब 30 मवेशियों को निकालने का काम शुरू किया गया। इस हादसे में पांच बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये हैं मृतक नफो उर्फ नफीसा (65) पत्नी अलाउद्दीन, साजिद (40) पुत्र अलाउद्दीन, साइमा (35) पत्नी साजिद, सानिया (15) पुत्री साजिद, शाकिब (12) पुत्र साजिद , रिया (10) पुत्री साजिद, फरहाना (27) पत्नी नदीम, अलीशा (25) पत्नी नईम, हिमसा (6 माह) पुत्री नईम, सैफियान (7) पुत्र पप्पू , घायल समरीन (4) पुत्री सरफराज, आलिया (8) पुत्री आबिद, साकिब (20) पुत्र अलाउद्दीन, नदीम (26) पुत्र अलाउद्दीन, नईम (22) पुत्र अलाउद्दीनहादसे के बाद लगातार पड़ रही बारिश रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बनी रही। एक तरफ जहां संकरी गलियों के कारण घटनास्थल पर रेस्क्यू के लिए जेसीबी सहित तमाम तरह के पर्याप्त संसाधन नहीं पहुंच सके। वहीं दूसरी तरफ तेज बारिश के दौरान मलबा हटाने में भी क्षेत्रवासियों और पुलिस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई महिलाएं मलबे में दबे परिवार की सलामती के लिए दुआएं करती भी नजर आईं। सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम ने बचाव कार्यों में तेजी लाने को कहा है