उसावां चेयरमैन के देवर समेत तीन पर धोखाधड़ी औऱ एसएसीएसटी का मुकदमा
बदायूं। में उसावां नगर पंचायत की चेयरमैन प्रियंका सिंह के देवर समेत तीन लोगों के खिलाफ थाने में दलित उत्पीड़न समेत मारपीट और धमकाने व धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अमल में लाई है। मुकदमे के मुताबिक बनबौसारी गांव निवासी फूलसहाय दलित तबके से हैं। उसावां इलाके के वार्ड संख्या एक निवासी राकेश, भोले उर्फ अरुण प्रताप निवासी वार्ड संख्या सात व मुकेश निवासी वार्ड संख्या 10 मुकदमे में नामजद हैं। मुकदमे में बताया गया है कि फूलसहाय व उसकी पत्नी मार्गश्री को इनमें आरोपीगण राकेश व भोले मुर्गी पालन के लिए लोग दिलाने की कहकर तहसील दातागंज ले गए। लोन की फाइल तैयार कराने के नाम पर पांच हजार रुपये भी लिए। इसके अलावा मार्गश्री का आधार कार्ड, बैंकपासबुक व फोटो आदि ले लिए। साथ ही निशानी अंगूठा भी लगवा लिया। जबकि इसके बाद कहा कि कुछ दिनों में खाते में रुपये आ जाएंगे। लोन चुकाने में छूट भी दिलवा दी है। इस पर दंपति वापस घर लौट आए।
मुकदमे में बताया गया है कि काफी दिन तक खाते में रुपये नहीं आए तो आरोपियों से जानकारी जुटाई लेकिन आरोपी पहले टालमटोल करते रहे और बाद में गालीगलौज करके भगा दिया। जबकि 14 अप्रैल 2024 को राकेश व मुकेश वादी के खेत पर पहुंचकर नापजोख करने लगे। वादी भी उस वक्त खेत पर था, वजह पूछने पर गालीगलौज की और बताया कि अब यह खेत उसे बेचना पड़ेगा। बहस करने पर मारपीट भी की गई। जबकि बाद में वादी ने तहसील जाकर पता लगाया तो जानकारी हुई कि संबंधित जमीन का का इकरारनामा आरोपियों ने करा लिया है। आपस में क्रेता व गवाह भी बने हैं। दो लाख का चेक व डेढ़ लाख कैश देने की बात भी कही गई है। जबकि कोई चेक या कैश नहीं दिया है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा लिखा गया है। बता दें कि आरोपी भोले उर्फ अरुल प्रताप चेयरमैन के देवर हैं। इधर, इस मामले में चेयरमैन के पति अनिल सिंह ने बताया कि राजनैतिक द्वेष के चलते यह मुकदमा लिखाया गया है। इसकी गहनता से जांच हो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। भाई पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।













































































