उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा
बदायूं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश बदायूँ ने विभिन्न मांगों का पत्र केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम भेजा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने श्रीमती निर्मला सीतारमण वित्त मन्त्री, भारत सरकार को सम्बोधित पत्र में व्यापारियों की ओर से मांग करते हुए बताया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण समस्त भारत वर्ष में उद्योग व व्यापार बुरी तरह प्रभावित हैं। व्यापारी व उद्यमी पिछले लॉकडाउन के बुरे प्रभाव से उभर नहीं पाया था, इतने में दूसरी लहर ने अत्यंत विनाशकारी रूप ले लिया है। ऐसे में जीवन व जीविका को एक साथ बचाना मुश्किल काम हो गया है। सभी व्यापारियों के यहॉ परिवार में, स्टाफ में व एडवोकेट, चार्टेट एकाउंटेंट में से अधिकांश व्यक्ति कोविड-19 से पीड़ित है। सरकार के भारी प्रयासों के बावजूद हिन्दुस्तान में भारी संख्या में लोग प्रतिदिन कोविड-19 से काल के ग्रास में समा रहे हैं। आपदा से बचने के लिए भारत सरकार व राज्य सरकारें अपना-अपना प्रयास युद्ध स्तर पर कर रहीं हैं। परन्तु करीब दो माह से लगातार बड़ाये जा रहे लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हो रहे उद्योग व व्यापार को बचाने के लिए आपसे निम्नानुसार अनुरोध है कि
- कोविड-19 के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सभी बैंकों की किस्तों जमा करने का समय 31 अगस्त 2021 तक बढ़ाया जायें।
- प्रत्येक इण्डस्ट्रीज व व्यापारी को उसके सालाना टर्न ओवर का 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाये, जिससे वह अपनी व्यापार व इण्डस्ट्री को सम्भाल सके।
- कोविड-19 के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बैंकों के सभी प्रकार के खातो को 31-03-2022 तक एन0पी0ए0 न किया जाए।
- कोविड-19 के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए फरवरी-2021 से अगस्त-2021 तक के सभी प्रकार के औद्योगिक, वाणिज्यक व घरेलू ऋणों का ब्याज माफ किया जाये।
- भारत सरकार द्वारा पिछले साल करे गए ऋण पुनर्गठन हुए खातो को इस बार पुनर्गठन सुविधा पर रोक लगा दी है। बाजार की दशा को देखते हुए सभी प्रकार के खातेदारो को ऋण पुनर्गठन की सुविधा, जैसे 5 बिंदुओं को शामिल किया गया है।













































































