उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी का आधार है उद्यमी व किसान – मनोज

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बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बरेली व मुरादाबाद मण्डल के उद्यमियों, निर्यातकों, प्रगतिशील किसानों आदि के साथ ‘‘संवाद व समाधान‘‘ कार्यक्रम हुआ एवं पौधारोपण करके दोनों मण्डलों के ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान पीलीभीत की बांसुरी, बरेली के जरी, बांस बेंत इत्यादि उत्पादों की प्रशंसा की गयी। जीआईसी ऑडोटोरियम में दीप प्रज्जवल करते हुए कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत की गयी। उक्त ‘‘संवाद व समाधान‘‘ कार्यक्रम में बरेली व मुरादाबाद मण्डल के उद्यमियों द्वारा उद्योग स्थापना/संचालन में आने वाली नीतिगत समस्याओं को मुख्य सचिव के समक्ष रखा और अपील की कि शासन द्वारा समस्याओं के निस्तारण हेतु सकारात्मक कदम उठाये जायें। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान एवम निर्यातक अनिल साहनी ने कहा जलवायु परिवर्तन के बाद भी तराई में काफी परिवर्तन होने से यहां विदेशी फल एवकादो, के अलावा अंगूर, अनार की खेती कर वह उसका निर्यात भी कर रहे हैं। उनके द्वारा तिलक चंदन एवम बासमती धान उगाकर निर्यात भी हो रहा है। इसके लिए उन्होंने कला नमक चावल की तर्ज पर सस्ते बीज देकर सरकार से नीति बनाने की मांग भी की। साथ ही पापुलर एवम यूकेलिप्टस उगने वाले किसान को उसके उत्पाद खरीदे जाने का भरोसा देने की मांग की । उनके द्वारा कृषकों की ओर से धान की खेती के बारे में जानकारी दी गयी एवं एवकाडो की खेती के बारे में बताया गया कि यहां मैक्सिको की प्रजाति से अच्छी एवकाडो होती है लेकिन पौध मंहगी है और विदेश से मंगानी पड़ती है इसलिये असुविधा होती है। उद्यमी दीपक अग्रवाल ने गोल लकड़ी को राज्य से बाहर जाने से रोकने, कार्बन क्रेडिट स्कीम को लागू किया जाने, निर्बाध बिजली आपूर्ति दिये जाने, की अपील की। उद्यमी सुधीर अग्रवाल ने राइस मिलर्स की समस्याओं से अवगत कराया कि धान की पैदावार मण्डल में अधिक होती है। आज मिलर्स की संख्या घट रही है, मिलर्स के बिलों का भुगतान कई महीनों के बाद भी नहीं होता है। हाई ब्रिड धान का लाभ भी मंडल के मिलर्स को नहीं मिल रहा है। बैम्बु के बारे में भी जानकारी दी गयी। उद्यमी अभिनव अग्रवाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स, विकास प्राधिकरण, नगर निगम व स्टॉम्प ड्यूटी से संबंधित नीतिगत समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया। उद्यमी सम्भव शील ने अग्निशमन विभाग की नीति में औद्योगिक अस्थानों में एक टैंक बनाकर सभी को उससे जोड़ा जाये। जीएसटी के बारे में भी बिन्दु रखे। जीएसटी विभाग द्वारा भय का महौल बना दिया जाता है ऐसा नहीं होना चाहिये। जहां कमी मिले वहां कार्यवाही करें। उद्यमी विमल रेवाड़ी ने यूपीसीडा के बारे में आने वाली समस्याओं को रखा, उन्होंने वेयर हाउस को उद्योग का दर्जा दिये जाने साथ ही उद्यमी क्षेत्र में बैंक व टेलीकॉम कम्पनियों द्वारा टॉवर स्थापित कराये जाने तथा कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण सेन्टर निर्माण की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ई एस आई सी) के अस्पताल में कर्मचारी/मजदूर अंश दान देते हैं लेकिन उन्हें इलाज के लिये भटकना पड़ता है। राष्ट्र निर्माण में सहायक मजदूरों को भी आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाये। उद्यमी फूल प्रकाश जी ने मैंथा कारोबार की समस्याओं को साझा किया, मैंथा पर आरसीएम लगाया गया। निर्यात पर रिफंड मिलता था उसे ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन कर दिया गया, जिससे परेशानी होती है। आयतित मैंथा पर आईएमपी तथा मैंथा उद्योग पर 05 प्रतिशत की जीएसटी लगाये जाने की बात की। यू पी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के राजेश गुप्ता ने होटल उद्योग के बारे में आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। होटल इंडस्ट्री सराय एक्ट में पंजीकृत है लेकिन वर्तमान में एक और पंजीकरण पर्यटन विभाग में करा रहे हैं जबकि प्रपत्र वही जमा हो रहे हैं, एक प्रकार का ही पंजीकरण रखा जाये तथा आवासीय टैक्स लागू किया जाये। चरित्र प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को भी हटाये जाने की अपील की। मुरादाबाद से अंशुल अग्रवाल ने डेवलेप औद्योगिक आस्थान की मांग की। बिजनौर से विकास अग्रवाल ने नगीना स्थित बन्द पड़ी कताई मिल की भूमि में बडे़…

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