500 साल बाद मनेगा राम जन्मोत्सव, आठ हजार मंदिरों में गूजेंगे बधाई गान, फूलों से सजेगी रामनगरी

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अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव में डूबी अयोध्या में अब रामजन्मोत्सव का रंग चढ़ गया है। 500 साल बाद भव्य महल में रामलला का जन्मोत्सव जो मनाया जाने वाला है। इसलिए इस बार उत्सव अलौकिक व भव्य होगा। मंगलवार से अयोध्या रामनवमी के उल्लास में डूब जाएगी। रामनगरी के आठ हजार मठ-मंदिरों में बधाई गान व विविध अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। राममंदिर आकर्षण के केंद्र में होगा। रामजन्मोत्सव की पावन बेला में रामलला चैत्र प्रतिपदा से रामनवमी तक खादी से निर्मित विशेष वस्त्र धारण करेंगे।रामलला के वस्त्र बनाने वाले मशहूर डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने बताया कि रामलला के विशेष खादी कॉटन से वस्त्र तैयार किए गए हैं। इन पर सोने व चांदी की हस्त-छपाई की गई है। छपाई में इस्तेमाल किए हुए सभी चिह्न वैष्णव पद्धति के हैं। रामलला दिन के अनुसार कपड़े पहनते हैं। इसलिए अलग-अलग रंगों के कपड़े उनके लिए तैयार किए जा रहे हैं।वहीं, रामनवमी मेले के लिए श्रद्धालुओं का आगमन भी शुरू हो गया है। सोमवार को चैत्र अमावस्या पर एक लाख भक्तों ने सरयू स्नान कर नागेश्वरनाथ महादेव का पूजन किया। इस अवसर पर महिलाओं ने पीपल वृक्ष का पूजन कर पति की दीर्घायु के लिए फेरे लिए। इसके बाद भक्तों ने रामलला व हनुमानगढ़ी में हाजिरी लगाई। जिन भक्तों को होटल धर्मशाला में जगह नहीं मिल रही है वे अपने गुरु स्थानों में शरण ले रहे हैं।रामनगरी के हजारों मंदिरों में कथा, प्रवचन, नवाहपारायण, अनुष्ठान आदि का शुभारंभ मंगलवार से हो जाएगा। हिंदू धाम में पूर्व सांसद डॉ़ रामविलास दास वेदांती रामकथा का प्रवचन करेंगे। पिछले 18 वर्षों से वह रामनवमी पर रामकथा का प्रवचन करते आ रहे हैं। इसी तरह दशरथ महल में महंत डॉ़ रामानंद दास राम कथा सुनाएंगे।

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हनुमानबाग में मातृशक्ति की प्रतीक सुरभि रामकथा की महिमा भक्तों को सुनाएंगी। कार्यक्रम के संयोजक स्वामी नारायणाचार्य ने कहा कि अयोध्या में यह उनका पहला अनुष्ठान है। श्रीरामबल्लभाकुंज में प्रेममूर्ति प्रेमभूषण कथा का रसपान भक्तों को कराएंगे। इसी तरह कनकभवन, हनुमानबाग, सियाराम किला, श्रीरामबल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला सहित अन्य मंदिरों में विभिन्न अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा।श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि पथ पर 600 मीटर में जर्मन हैंगर लगाया जा रहा है। तेज धूप में श्रद्धालुओं के पांव न जलें इसलिए रामजन्मभूमि पथ से लेकर रामजन्मभूमि परिसर तक जूट की कारपेट बिछाई जा रही है। इसके अलावा 50 से ज्यादा स्थानों पर पीने का पानी और ओआरएस पाउडर का इंतजाम किया जा रहा है।रामनवमी के अवसर पर राममंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ सकते हैं। जो भक्त राममंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए प्रसार भारती कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करेगी। शहर में सौ से ज्यादा एलईडी टीवी लगाई जा रही हैं। लाइव प्रसारण के माध्यम से भक्त घर बैठे रामलला के जन्मोत्सव के साक्षी बन सकेंगे। अयोध्या आने वाले श्रद्धालु भी जगह-जगह लगे एलईडी पर लाइव प्रसारण देख पाएंगे।17 को रामनवमी का मुख्य पर्व रामजन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन पूरी अयोध्या पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी। राममंदिर परिसर की विदेशी प्रजाति के एंथोनियम, निलयम, कारनेशन, आर्केट, जरवेरा, गेंदा, गुलाब, बेला आदि फूलों से भव्य सजावट की जाएगी। रामलला के दरबार में नौ दिनों तक शास्त्रीय गायक सोहर, बधाई गान और भजन सुनाएंगे। मंदिर को 50 क्विंटल फूलों से सजाया रहा है।

कनकभवन की भी सजावट 50 किलो फूल से होगी। हनुमानगढ़ी को भी सुंदरता प्रदान की जाएगी।रामनगरी की सिद्धपीठ छोटी देवकाली मंदिर में यहां रात आठ बजे होने वाली महाआरती मेंं बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं। यहां भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाई गई है। भक्तों को कतार में लग कर ही दर्शन प्राप्त होंगे।रामजन्मोत्सव का साक्षी बनने की आतुरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। अयोध्या में होटल-धर्मशालाओं पर हाउस फुल का बोर्ड लग गया है। होम स्टे में भी कमरे नहीं मिल रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि 20 अप्रैल तक की बुकिंग हो चुकी है। कई होटल मई के अंत तक बुक हैं। यही हाल धर्मशाला, गेस्ट हाउस का भी है, कहीं भी कमरे खाली नहीं हैं।

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