गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में “महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध” विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई

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बदायूँ। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में आई०क्यूं०ए०सी० एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया। आई क्यूं ए सी और समाजशास्त्र परिषद प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के संयोजन एवं निर्देशन में और प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल के संरक्षण में ” महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन माँ शारदे को नमन कर किया गया। प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल ने बताया कि भारत में हर दूसरे सेकंड एक महिला साइबर क्राइम का शिकार हो रही हैं जिसका माध्यम ऑनलाइन प्लेटफॉम है जहां हर पल एक महिला सुरक्षा को चुनौती दी जा रही है। कार्यक्रम संयोजिका असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि जब मोबाइल या कंप्यूटर पर इंटरनेट के जरिए अश्लील हमला किया जाता है, जिससे महिला की गरिमा को ठेस पहुंची हो तो उसे महिला के खिलाफ साइबर अपराध माना जाता है। ट्रोलिंग, गाली- गलौज, धमकी देना, घूरना, बदनाम करना, पीछा करना, बदला लेना और अश्लील बातें करना जैसे साइबर क्राइम दुनिया में मौजूद है।

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साइबर क्राइम का मूल कारण पुरुषों का महिलाओं के प्रति रूढ़िवादी नजरिया है। पुरुष इंटरनेट पर महिलाओं की स्वतंत्र अभिव्यक्ति को बर्दाश्त नहीं कर पाते। वे उन्हें एक यौन वस्तु रूप में देखने के इतने आदी हो चुके हैं कि आज जब महिलाएं सामाजिक राजनीतिक विषयों पर मुखर राय देती दिखती हैं तब वे उनके साथ साइबर क्राइम करते हैं। डॉ इति अधिकारी और शिल्पी तोमर ने बताया कि 2013 के पहले महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों से निपटने के लिए कोई कानून नहीं था, मगर 2013 में आपराधिक संशोधन अधिनियम के जरिये भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) , 1860 की धारा 354 ए से लेकर धारा 354 डी जोड़ा गया। भाषण प्रतियोगिता में 15 छात्राओं ने प्रतिभाग किया और अपने विचारों द्वारा महिला सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर चर्चा कर साइबर अपराध से सुरक्षा एवं बचाव के उपाय बताएं। प्रतीयोगिता में अपूर्वा सिंह प्रथम, अक्षिता पटेल द्वितीय और लवी पटेल, अनुष्का संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर और अनामिका भारती को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर डॉ शिल्पी तोमर, डॉ० निशी अवस्थी, डॉ शिल्पी शर्मा, डॉ वंदना वर्मा, डॉ उमा सिंह गौर, प्रीती वर्मा आदि उपस्थित रहीं। संगीता, खुशी पटेल, अंशिका, पूजा, अनामिका,अंशिका, वैष्णवी शंखधार, रेनू, अदिति, वैष्णवी, आदि सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रहीं। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती ने किया।

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