एशियाई खेलों में भारतीय महिलाओं निशानेबाजों ने इतिहास रच दिया है। भारत की ओर से महिलाओं निशानेबाजों ने एक साथ दो मेडल जीते हैं। ऐसे में दोनों ने इतिहास रचा है। 10 मीटर एयर पिस्टल महिला फाइनल में भारत की ओर से पलक ने गोल्ड मेडल और ईशा सिंह ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पलक पहले स्थान और ईशा सिंह दूसरे स्थान पर रही। 18 वर्षीय पलर ने 241.2 प्वाइंट्स के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही अब निशानेबाजी में भारत के 17 मेडल हो गए हैं। इसके अलावा 10 मीटर महिला एयर पिस्टल में ईशा के नेतृत्व में भारतीय तिकड़ी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ईशा सिंह, पलक और दिव्या थडिगोल सुब्बाराजू ने इसमें शामिल थे। गोल्ड मेडल की रेस में यह तिकड़ी 5 प्वाइंट्स से चूक गई, जिसके चलते उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। खेलों में ईशा की यह पहली सफलता नहीं थी। इससे पहले, उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने मनु भाकर और रिदम सांगवान के साथ मिलकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपनी झोली में डाला। यह उनका चौथा मेडल है। फाइनल में पलक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रदर्शन से फैंस को हैरान किया। ईशा भी इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने चूक गई। फाइनल के अंत में ईशा को पाकिस्तान की किशमाला तलत से मुकाबला करना पड़ा।पाकिस्तानी निशानेबाज को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा, जिसके कारण ईशा सिल्वर मेडल की दावेदार बनी।पाकिस्तान के लिए निशानेबाजी में यह पहला मेडल था। इसके बाद अंतिम राउंड में पलक ने 2018 में चीन की कियान वियांग का रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।