मदर एथीना स्कूल के कक्षा-9 के विद्यार्थियों ने किया लखनऊ की ऐतिहासिक विरासत ‘इमामबाड़ा’ का दीदार
बदायूँ। मदर एथीना स्कूल द्वारा कक्षा-9 के विद्यार्थियों के लिए नवाबों के शहर लखनऊ के एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास, वास्तुकला और नवाबी संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध बड़ा इमामबाड़ा और उसकी विस्मयकारी भूल-भुलैया को देखा।

गाइड के माध्यम से विद्यार्थियों ने बिना स्तंभों के बने विशाल हॉल के पीछे के वैज्ञानिक रहस्यों और ‘एम्पलीफायर’ तकनीक वाली दीवारों के बारे में जाना। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने छोटा इमामबाड़ा, रूमी दरवाज़ा और क्लॉक टॉवर का भी अवलोकन किया। इस भ्रमण में इतिहास के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने इतिहास की बारीकियों को नोट किया और स्थापत्य कला के सुंदर चित्रों को अपने कैमरों में कैद किया। इसके अलावा विद्यार्थियों द्वारा कुकरैल वन क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मगरमच्छों की लुप्तप्रायः प्रजातियों, पुराने पेड़ों, स्थानीय पक्षियों तथा म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर का दौरा करते हुए जानकारी अर्जित की गई।

विद्यालय की निदेशिका महोदया चयनिका सारस्वत ने इस यात्रा को शिक्षा और मनोरंजन का एक सटीक संगम बताया। उन्होंने यह भी बताया कि मेरा सदैव यह मानना रहा है कि ‘अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक है’। जब हमारे विद्यार्थी किताबों में पढ़ी गई वास्तुकला को साक्षात अपनी आँखों से देखते हैं, तो उनका ज्ञान स्थाई हो जाता है। लखनऊ की यह यात्रा केवल एक पिकनिक नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों की विरासत, उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और हमारी मिली-जुली संस्कृति को समझने का एक माध्यम थी। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी न केवल आधुनिक शिक्षा में अव्वल रहें, बल्कि अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से भी उतने ही मजबूती से जुड़े रहें।













































































