कुंवरगांव। मंगलवार की शाम को पचास यात्रियों का जत्था गया धाम के लिए रवाना हुआ। यात्रा के पूर्व पंडित विद्वानों द्वारा विधि विधान से पूजन पाठ कराने के बाद गया धाम की यात्रा पर निकले।आपको बता दें कि विद्वान पंडितों द्वारा चारों धाम गया के महत्व को बताते हुए बताया गया कि गरुण पुराण के अनुसार गया धाम करने का मतलब है कि गया में पितरों का श्राद्ध करना, पिंड दान करना, गरुण पुराण में लिखा गया है कि गया जाने के लिए घर से निकलने पर चलने वाले के एक,एक कदम पितरों के स्वर्गारोहण के लिए एक-एक सीढ़ी बन जाते हैं, गया के धाम में श्राद्ध का महत्व को विष्णु को नगर माना गया है, यह मोक्ष की भूमि कहलाती है जत्थे के सेवादार चंद्रपाल शर्मा उर्फ कल्लू राम पूर्व प्रधान ने जानकारी देते हुए बताया कि जत्था गया में सब जगह पूरी 45 वेदी पिण्डदान कराकर फिर गाड़ी बौद्ध गया पहुंचेगी वहां पर फलगू गंगा स्नान व जापानी गजाधर, थाईलैण्ड मन्दिर, बिरला मन्दिर चीन व तिब्बत एवं भूटान मन्दिर इत्यादि दर्शन कराकर बस वापस बनारस होकर दस दिन बाद बापस लौटेगी,इसके बाद दो जनवरी 2024 को भी श्रधालुओं का एक जत्था नगर पंचायत कुंवरगांव से इन्हीं के नेतृव में गंगासागर भी जायेगी इस दौरान चंद्रपाल शर्मा,नवलकिशोर रस्तोगी,नीरज रस्तोगी,वंश,अंश,उर्मिला देवी,कामनी देवी समेत काफी लोग मौजूद थे