बदायूँ के माया होटल में सैक्स रैकेट को लेकर हंगामा,गंदी चादर का हवाला देकर हो गया समझौता

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बदायूँ। शहर में सिविल लाइन थाना इलाके के ओवर ब्रिज के नीचे माया होटल है। इस होटल में 24,25 दिन से केंद्र सरकार की जल संचय मिशन योजना के लिए समाज में नाटक मंचन करके जागरूकता पैदा करने को दिल्ली के एनजीओ के दस बारह सदस्य ठहरे हुए हैं। इस टीम में दो एक नाबालिग किशोरी और एक युवती भी शामिल हैं। आपको यह भी बता दे कि इस होटल से मात्र 25,30 कदम की दूरी पर पर मैकूलाल पुलिस चौकी भी है।
नाटक मंचन करने वाले एनजीओ के महिला पुरुषो ने आज सुबह छह,साढ़े छह बजे के आसपास हंगामा करना शुरू कर दिया। होटल के बाहर सैकड़ों लोगो की भीड़ जमा हो गई। दिल्ली एनजीओ के महिला पुरुष सदस्यों ने शोर मचाना,हंगामा करना शुरू कर दिया, इन सदस्यो ने मीडिया को बताया कि इस होटल में सैक्स रैकेट संचालित होता हे,मैनेजर,कर्मचारी सभी मिले हुए हैं। होटल स्टाफ के एक फोर्थ क्लास कर्मचारी पर बाथरूम से नाबालिग को खींचकर कमरे में ले जाकर बंधक बनाने, छेड़छाड़ करने का लगाया आरोप। यह नाबालिग किशोरी एनजीओ की सदस्य है। होटल में रह रहे जल जीवन मिशन के लिए जागरूकता फैलाने वाली टीम ने होटल संचालक पर भी लगाए गंभीर आरोप,होटल संचालक पर बंधक बनाने और धमकाने का भी टीम ने लगाया आरोप,। एनजीओ टीम सुबह छह,साढ़े छह बजे लेकर दोपहर 12 बजे तक यानी पांच छह घंटे तक हंगामा करती रही, होटल में सैक्स रैकेट संचालन,एनजीओ की सदस्य नाबालिग किशोरी को बंधक बना कर छेड़छाड़ का आरोप लगाती रही। यह आरोप इतने गंभीर थे, इनसे मिलते जुलते आरोप,इस घटना से मिलती जुलती घटनाएं जनपद में पहले भी हुई हैं, पुलिस ने तुरंत एफ आई आर दर्ज की, हिरासत में लिया और होटल सील किए हे। आपको बता दे कि इस होटल से मात्र 25,30 कदम की दूरी यानी पड़ोस में मैकू लाल चौराहा पुलिस चौकी है, इस चौकी पर तैनात पुलिस को शोर सुनाई नही दिया,भीड़ नजर नही आई। जब मीडिया और आसपास के दुकानदारों ने इंस्पेक्टर, सीओ आदि पुलिस अधिकारियों को फोन किए तो दोपहर करीब साढ़े बारह बजे चौकी पुलिस होटल पर पहुंची। यानी पुलिस ने 25,30 कदम की दूरी 5,6 घंटे में तय की, जनाब इतनी देर में आम आदमी कार से दिल्ली पहुंच जाता। इतनी देर में पुलिस पहुंची, लेकिन किसी के खिलाफ कोई करवाई नही हुई। पुलिस ने कहा हम क्या करे पहले तहरीर मिली, हम करवाई करते उससे पहले समझौतापत्र आ गया,उसे मानना भी जरूरी हे। आपको बता दे कि हंगामे के दौरान इस मामले में होटल के मालिक ने कहा यह लोग काफी समय से रह रहे थे और जब इन लोगों से होटल का किराया मांगा गया तो यह लोग तरह-तरह के आरोप लगाने लगे और दो लाख रूपये की मांग करने लगे। इसी को लेकर इन लोगो ने हंगामा किया। उधर एनजीओ के सदस्यों ने जिस फोर्थ क्लास कर्मचारी पर नाबालिग किशोरी को कमरे में बंधक बना कर छेड़ छाड़ का आरोप लगाया हे। उस कर्मचारी के पिता ने बताया कि उसका बेटा मंदबुद्धि हे,दबा चल रही, यहां सवाल उठता है कि वह फिर होटल में नोकरी केसे कर रहा। मजेदार बात यह हे कि छह सात घंटे हंगामा चला बाद में गन्दी चादर पर आकर टिक गया। एनजीओ और होटल संचालक के बीच समझौता हो गया, दोनो पक्षों ने समझौता लिख कर पुलिस को दे दिया। एनजीओ सदस्यो ने कहा कि होटल कर्मचारी कमरे के बेड की गन्दी चादर नही बदल रहे थे, इसी को लेकर विवाद हुआ था। एनजीओ सदस्यो ने पुलिस को जो पहले तहरीर दी थी वह वापस ले ली। एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई ने बताया कि टीम का कहना है कि गंदी चादर बदलवाने को लेकर होटल स्टाफ से झगड़ा हुआ था। रेप या रकम वसूली जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। ये लोग आपस में समझौता नामा भी लिखकर दे गए है।

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