जम्मू में बाबा बर्फानी के दर्शन को आए भक्त इस बार तोड़ेंगे पिछला रिकार्ड ! = निर्भय सक्सेना =

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जम्मू/बरेली। जम्मू में बालटाल स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ की भक्तो में ऐसी होड़ है कि 1 जुलाई 2023 से यात्रा प्रारंभ होने के बाद प्रथम सप्ताह के 6 दिन में ही लगभग 75 हजार से अधिक भोले के भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके थे। जबकि वर्षा के चलते चौथे दिन यात्रा में कुछ समय विघ्न भी रहा। यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे भी बरेली के कुछ पत्रकार/ फोटो जर्नलिस्ट साथियों के साथ 2 जुलाई 2023 को बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ मिल सके।

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सावन माह में 1 जुलाई 2023 से 31 अगस्त 2023 तक चलने वाली 62 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा में अगर इसी तरह से भोले के भक्त दर्शन को उमड़े तो तीर्थ यात्रियों के पुराने सभी रिकार्ड टूटने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार छठे जत्थे में बुधवार को 6107 तीर्थ यात्री कड़ी सुरक्षा में 244 वाहनों में पहलगाम के नुनवन और बालटाल के भगवती निवास स्थित आधार शिविरों से अपने आराध्य के दर्शन को निकल चुके थे। उसी शाम तक ये सभी तीर्थ यात्री बालटाल, पहलगाम और नुनवन आधार शिविरों में पहुंच चुके थे। तीरथ यात्रा के दौरान जम्मू से आतंकी हमलों से बचाव को 70 हजार से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक तैनात किए गए हैं। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। जम्मू कश्मीर पुलिस भी व्यवस्था को लगी गई है। यात्रा के लिए पहलगाम तक घाटी की ओर नवयुग सुरंग को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम 4 बजे, जबकि अनंतनाग की ओर मीर बाजार को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम चार बजे तय किया गया है। बालटाल कान्वॉय-जम्मू से कश्मीर की ओर बालटाल के लिए प्रस्थान का समय भोर में 4 बजे और लम्बर बनिहाल से बालटाल की ओर प्रस्थान समय 10 बजे रखा गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्री अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए तीर्थ यात्रियों का जम्मू पहुंचने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। जहां बने कैंप में उनके पत्रक की जांच के बाद उन्हें आगे की यात्रा औपचारिकताएं पूरी करने को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के कर्मी उन्हें टोकन दे रहे थे। यही कारण है की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जमीन से आसमान तक का फूल प्रूफ घेरा तैयार करवा दिया है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की देखरेख में बना कंट्रोल कमांड सेंटर भी अमरनाथ तीर्थ यात्रा पर केमरो से नजर रख रहा है।

जगह जगह लगे होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम राज्यपाल मनोज सिन्हा के फोटो के साथ ही “सनातन के साथ ही पुरातन भी” का वाक्य का उल्लेख किया गया है। इस बार 1 जुलाई से शुरू हुई 62 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा में इस प्रथम सप्ताह के 5 दिनों में ही 67 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। ऐसे में लगभग 14 हजार यात्री प्रतिदिन श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ पा रहे हैं। श्राइन बोर्ड के अनुसार इस बार बालटाल से दोमेल तक बैटरी चालित रिक्शा भी चलाए गए हैं। यही नहीं वर्ग विशेष के घोड़े वाले, पालकी वाले और पिट्ठू अमरनाथ यात्रियों को मनमाने रेट मांग कर परेशान नहीं करें। इसके लिए घोड़े वालों, पालकी वालो के लिए उनके बने कार्ड पर पूर्व बुकिंग अनिवार्य की गई है। वालटाल से गुफा के पास तक एवम उसी मार्ग से वापसी 4450 रुपए में आप घोड़े से कर सकते हैं। इसी तरह पालकी के रेट भी तय हैं। पर अभी भी घोड़े वालो का चक्रव्यूह भेदना आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस का भी पूरा संरक्षण मिलने से पर्ची कटने के बाद भी वह यात्रियों को पवित्र गुफा से दूर ही छोड़ रहे हैं। और वहां पूर्व से खड़े पालकी = घोड़े वाले और अधिक पैसे की मांग करते हैं। अभी भी लोगो के लिए घोड़ा खच्चर पालकी से यात्रा के लिए वर्ग विशेष पर ही निर्भरता बालटाल में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की इस वर्ष की 62 दिवसीय यात्रा 1 जुलाई 2023 को अपने दोनों आधार शिविरों मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल मार्ग एवम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में नुनवान – पहलगाम मार्ग से शुरू हुई है । यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 31 अगस्त 2023 को रक्षा बंधन पर समाप्त होगी। जम्मू – बालटाल। जम्मू और बालटाल के बीच की लगभग 400 किलोमीटर की दूरी को पर्यटक के लिए जम्मू में भगवती निवास में यात्री सहायता केंद्र बने हैं। जम्मू से  बालटाल तक जाने वाला सड़क मार्ग मे उधमपुर, कुड, पटनीटॉप, रामबन, बनिहाल, काजीगुंड, अनंतनाग, श्रीनगर, सोनमर्ग आदि आते हैं। जम्मू से बालटाल तक का सफर लगभग 400 किलोमीटर है। मार्ग में सुंदर घाटियों, झरनों और चारों तरफ हरियाली से होकर गुजरता है। जो बाबा बर्फानी के दर्शन को आने वाले यात्रियों का नया अनुभव देता है। पवित्र गुफा के दर्शन के कारण इस रास्ते से सैनिकों की सतर्कता में गुजरते हुए हर तीर्थयात्री में उत्साह भी बढ़ जाता है। बालटाल से पवित्र गुफा तक बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा बालटाल से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। पैदल/घोड़े, पालकी द्वारा यह दूरी तय की जा सकती है। आजकल यहां सड़क चौड़ीकरण के काफी विकास कार्य चल रहे हैं। चंदनवाड़ी – पवित्र गुफा मार्ग की तुलना में कंकड़ (कच्छा) सड़क की चौड़ाई थोड़ी संकरी है। इसके अलावा, चंदनवारी मार्ग की तुलना में रास्ते में कुछ खड़ी चढ़ाई और ढलान हैं लेकिन तीर्थयात्री वापस बेस पर लौट सकते हैं। जम्मू के बालटाल सहायता शिविर से केवल एक दिन में युवा आ सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा को लेकर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स, आदि अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों में शामिल लगभग 70 हजार जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हैं। सभी अर्धसैनिक कंपनियां भोले के भक्तो की सुरक्षित यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश में पहुंची थी, जिनको यात्रा से पूर्व ही तैनात भी कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्द्धसैनिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहेंगे। वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक अधिकारियो के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमापर की आतंकी साजिशें सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर पाएंगी। सभी हिंदू देवताओं में से भगवान भोलेनाथ शिव न केवल भारतीयों के बीच बल्कि अन्य देशों के लोगों के बीच भी लोकप्रिय हैं। परम पूज्य भगवान शंकर जी के करीब जाने के लिए, जो इस धरती पर एक बाबा बर्फानी के अनूठे रूप में अमरनाथ की पवित्र गुफा, जो 3880 मीटर की ऊंचाई पर है, में प्रकट होते हैं। लाखों भक्त हर साल जून जुलाई के सावन माह में दक्षिण कश्मीर में स्थित श्री अमरनाथ तीर्थ के लिए जटिल पहाड़ों के माध्यम से भोलेनाथ के दर्शन करने इस पवित्र गुफा तक आते हैं। यहां भक्तो की देखभाल का प्रबंधन श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस ए एस बी) द्वारा किया जाता है, जिसे वर्ष 2000 में जम्मू और कश्मीर राज्य विधानमंडल के एक अधिनियम द्वारा जम्मू और कश्मीर के महामहिम राज्यपाल के साथ गठित किया गया था। जो इसके पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।  अमरनाथ श्राइन बोर्ड श्री अमरनाथ जी यात्रा के बेहतर प्रबंधन, पवित्र तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विकास और उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसमें एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जो एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और बोर्ड के आठ प्रतिष्ठित सदस्य हैं, की सहायता से बोर्ड इस यात्रा को सबसे यादगार बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। श्राइन बोर्ड की भूमिका अधिनियम की धारा 16 के अनुसार श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एस ए एस बी) को निम्नलिखित भूमिकाएं और जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं ।जिनमे पवित्र तीर्थ पर पूजा के उचित प्रदर्शन की व्यवस्था करना, निधियों, मूल्यवान और गहनों की सुरक्षित अभिरक्षा तथा बोर्ड निधि के संरक्षण की व्यवस्था करना, धर्मस्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों से संबंधित विकासात्मक गतिविधियाँ करना, वेतनभोगी कर्मचारियों को उपयुक्त परिलब्धियों के भुगतान का प्रावधान करना, तीर्थयात्रियों को धार्मिक शिक्षा और सामान्य शिक्षा प्रदान करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था करना, उपासकों और तीर्थयात्रियों के लाभ के लिए कार्य करना, तीर्थ यात्रा पर आने वाले भक्तो को उनके आवास के लिए भवनों का निर्माण, स्वच्छता कार्यों का निर्माण तथा संचार के साधनों में सुधार, शिव उपासकों और तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा राहत का प्रावधान करना, अमरनाथ के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पवित्र तीर्थ और बोर्ड की निधि के कुशल प्रबंधन, रखरखाव और प्रशासन के लिए प्रासंगिक और अनुकूल सभी चीजें करना शामिल हैं।
बरेली के सौभाग्यशाली कुछ मीडिया कर्मियों हुए बाबा बर्फानी के दर्शन यू पी जर्नलिस्ट एसोसियेशन (उपजा) बरेली के उपजा प्रेस क्लब, बरेली से जुड़े कुछ पत्रकारों एवम फोटो जर्नलिस्ट ने इस बार भी अमर नाथ में 2 जुलाई 2023 को बाबा बर्फानी के दर्शन किए। जिसमे निर्भय सक्सेना, अशोक शर्मा, शुभम ठाकुर, अशोक शर्मा लोटा, उमेश शर्मा, पुत्तन सक्सेना, विवेक मिश्रा थे। इसके अलावा सक्षम शर्मा, सुरेंद्र मिश्रा भी साथ गए थे। 27 जून 2023 को बरेली रोडवेज पर उपजा प्रेस क्लब, बरेली अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, महामंत्री, धर्मेंद्र सिंह बंटी, वीरेंद्र अटल, शमी खान, विजय सिंह, राजेश सक्सेना, सुरेश रोचानी, ललित कुमार, गुरुबचन, महेश पटेल, शंकर लाल, के अलावा मानव सेवा क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा, त हिंदू संघठन के राज शर्मा आदि ने सभी को पटका आदि देकर सम्मानित किया। बरेली का यह दल 28 जून 2023 को जम्मू रेल स्टेशन पर पहुंचा।

रेलवे स्टेशन के बाहर बने शिविर में अमरनाथ यात्रा के लिए कागजी खानापूर्ति कर अपने कार्ड बनवाए। रात्रि में जम्मू के एक होटल में विश्राम किया। 29 जून 2023 की सुबह शिव खोड़ी जाकर भोले के दर्शन लाभ पाए। वहां से माता वैष्णो के मंदिर में मत्था टेका। अगले दिन 1 जुलाई 2023 को भोर में 4 बजे भगवती यात्री निवास सरकारी कोनवॉय में बालटाल की मिनी बस से यात्रा शुरू की। शाम लगभग 4 बजे सामान चेकिंग के बाद सभी साथी दोगाम में बदायूं के कैम्प में पहुंच गए। 2 जुलाई 2023 को सुबह 5 बजे बालटाल के बेस कैंप में चेकिंग के बाद से अमरनाथ से 16.5 किलोमीटर की जटिल यात्रा साथियों ने शुरू की पर मेने घोड़े से ही लोटाफेरी की यात्रा की। आयु 67 वर्ष होने पर मेरी सांस फूलने लगी। पवित्र गुफा के पास लगे मेडिकल कैंप में ऑक्सीजन चेक कराई। ग्लूकोज का पानी पिया। 2 जुलाई 2023 को पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी दर्शन कर लिए और लोट कर दोमेल में बदायूं के संजय पाराशरी के भंडारे वाले टेंट में आ गए। पूरे रास्ते में भोले के भक्तो के लिए लंगर की भरमार रही। अगले दिन 3 जुलाई 2023 को बालटाल कैम्प से काफिले के साथ जम्मू शाम को पहुंच गए। 4जुलाई को जम्मू के प्रमुख रघुनाथ मंदिर, काली माता मंदिर, जम्बंत गुफा के दर्शन किए। अगले दिन जम्मू रेलवे स्टेशन से 5 जुलाई 2023 को सुबह 7 बजे ट्रेन में बैठकर देर रात्रि बरेली आ गए । अमरनाथ यात्रा को भारी बारिश और खराबी मौसम के चलते 4 जुलाई 2023 को कुछ देर को रोका भी गया था। वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल ने सैनिक अधिकारियो के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमापर की आतंकी साजिशें सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर सकेंगी

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