बीजेपी से पार्षद टिकट पाए मुस्लिम चेहरे छोटे सदन नहीं पहुंचे निर्भय सक्सेना
बरेली। बरेली में मेयर सीट आरक्षण से लेकर टिकट पाने की लंबी मैराथन के बाद बरेली में भाजपा के उमेश गौतम ने मेयर चुनाव में निर्दलीय सपा समर्थित डॉ. आई एस तोमर को भारी अंतर से हरा कर अपना परचम फिर से लहराया। बीजेपी से पार्षद टिकट पाए कई मुस्लिम चेहरे छोटे सदन नहीं पहुंच सके। मतगणना स्थल पर अपनी जीत के बाद उन्होंने इसे पार्टी की जीत कहा। साथ ही कहा की वह बरेली के विकास के लिए हर काम करेंगे। इस बार बीजेपी के 80 वार्डो में 52 पार्षद जीते हैं जो पिछली बार से 14 अधिक हैं। इसके बाबजूद अब उमेश गौतम की जीत से निगम में उनके सामने कई चुनौती भी होगी जिनमे ठेकेदारों का करोड़ों का लंबित भुगतान भी एक मुद्दा होगा। मेयर उमेश गौतम की जीत के बाद सांसद संतोष गंगवार, धर्मेंद्र कश्यप, डॉ अरुण कुमार, संजीव अग्रवाल, राघवेंद्र शर्मा के अलावा पार्टी के दुर्ग विजय शाक्य, के एम अरोड़ा के साथ प्रमुख नेता भी मतगणना स्थल पर बधाई देने भी पहुंचे थे। बीजेपी ने जिन वार्डो में मुस्लिम चेहरे उतरे वह सभी हार गए। बरेली में भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी उमेश गौतम ने जीत हासिल की है। जिससे बरेली में भी ट्रिपल इंजन की सरकार बन गई। पर उमेश गौतम के समक्ष चुनौतियां भी अब कम नहीं हैं। बीजेपी के उमेश गौतम ने निर्दलीय प्रत्याशी डॉ आई एस तोमर को 56, हजार 328 वोटों से हराया है। उमेश गौतम भाजपा से ही दूसरी बार बरेली के मेयर चुने गए है। बरेली में इस बार 80 वार्डो में से बीजेपी को 52 सीट पर विजय मिली। जिसमे कैंट विधानसभा से 35 कमल का टिकट पाए 22 पार्षद जीते जबकि शहर विधान सभा से कमल का टिकट पाए 45 में से 30 पार्षद जीते। इस प्रकार बीजेपी के नए नगर निगम बोर्ड में 52 पार्षद रहेंगे जबकि पिछली बार 38 पार्षद ही थे। यानी 14 पार्षद इस बार बीजेपी के बढ़ गए। बीजेपी ने जिन सात मुस्लिम चेहरे को पार्टी का टिकट दिया था सभी हार गए।वन मंत्री डॉ अरुण कुमार का कहना ही है की लोगो ने बीजेपी के जनहित वाले कामों पर इस बार भी भरोसा जताया। अनिल एडवोकेट का कहना है की इस बार भी लगभग सभी कायस्थ पार्षद जीते। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल का कहना है कि शहर में मोदी योगी की डबल इंजन सरकार के कार्यों को बढ़ावा देने को ही बीजेपी का मेयर बरेली में पुन बना है। देवेंद्र जोशी तो पूरे समय मेयर कार्यालय पर पार्षदों की जीत की रणनीति बनाने में दिन रात जुटे रहे।













































































