Zero balance पर बंद हो जाएगा डाकघर में बचत खाता, बैंकों की तरह रखना होना न्यूनतम बैलेंस 500 रुपये
सोनभद्र। अब डाकघर में भी बैंकों की तरह न्यूनतम बैलेंस रखना होगा। इसे नहीं रखने से खाते की धनराशि से कटौती कर ली जाएगी। इतना ही नहीं बचत खाते में जीरो बैलेंस होने पर उसे बिना सूचना दिए बंद भी कर दिया जाएगा। जिले के सभी डाकघरों में करीब दो हजार ऐसे बचत खाते हैं जिनके खाते में पांच सौ रुपये से कम बैलेंस हैं। अगर जल्द ही इन खातों में धनराशि नहीं जमा की गई तो यह खाते बंद हो सकते हैं।
भविष्य की योजनाओं को पूरा करने के लिए लोग तरह-तरह की बचत योजनाओं को अपनाते हैं। इसके लिए सबसे बेहतर डाकघर के बचत खाते को समझते हैं। इसका कारण यहां अच्छी ब्याज दर और न्यूनतम बैलेंस का झंझट नहीं होता है। डाकघर में धन को सबसे अधिक सुरक्षित भी माना जाता है। इसलिए बैंक के मुकाबले विभिन्न बचत योजनाओं के लिए डाकघर सबकी पसंद बना हुआ है। बदलते परिवेश में अब डाकघर में कई बदलाव आए हैं।
500 रुपये होगा न्यूनतम बैलेंस–
डाकघर में बचत खाते के लिए न्यूनतम बैलेंस की कोई बाध्यता नहीं थी। इसलिए सबसे अधिक बचत खाते डाकघर में ही खोले जाते हैंं। पहले इन खातों को खोलकर लोग अक्सर भूल जाया करते थे। अब उन्हें यह लापरवाही महंगी पड़ेगी। बचत खाते में न्यूनतम धनराशि 500 रुपये रखनी होगी।
12 दिसंबर से लागू हो गए नए नियम
डाकघर में बचत खातों को नियमानुसार संचालित रखने के लिए उसके बैलेंस पर ध्यान देना होगा। इसमें न्यूनतम बैलेंस 500 रुपये से कम होने पर रख रखाव के रूप में 100 रुपये प्रतिवर्ष काट लिए जाएंगे। इतना ही नहीं इस खाते में लेने-देन नहीं होने व जीरो बैलेंस होने पर बिना बताए ही इसे बंद कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 12 दिसंबर से जिले में लागू हो गई है।
बचत खाते में डाकघर देता है चार फीसद ब्याज
डाकघर प्रतिवर्ष चार फीसद का ब्याज बचत खाते में जमा धनराशि पर मिलता है। ब्याज की गणना 10वीं तारीख व महीने के अंत में बची न्यूनतम धनराशि पर होती है। इसे नजदीक के किसी भी डाकघर में बालिग व्यक्ति एकल या संयुक्त खाता खुलवा सकता है। नाबालिग की स्थिति में अभिभावक उसके नाम पर खाता खुलवा सकते हैं।













































































