गंगा समग्र की बैठक में जनसंख्या वृद्धि एवं अनियोजित औद्योगीकरण पर मंथन किया

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बदायूँ। गंगा समग्र की आज प्रांतीय बैठक का आयोजन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुआ बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम आशीष ने गंगा मैया के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया, बैठक में प्रांतीय संयोजक डॉक्टर राधाकृष्ण दीक्षित ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम आशीष व जिला संयोजक ज्ञानेंद्र सिंह प्रांतीय संगठन मंत्री विजय एवं दिनेश को अंग वस्त्र पहना कर स्वागत किया । रामाशीष ने कहा बढ़ती आबादी और अनियोजित विकास के कारण राष्ट्रीय स्तर पर जल संकट उत्पन्न हो चुका है परंतु आप तथाकथित विकास और भोगवादी संस्कृति के चलते हम प्रकृति का अत्याधिक दोहन कर रहे हैं जिसका मानक अगर हम हिमालय की बर्फ को मानले तो स्पष्ट हो जाता है वहीं दूसरी ओर नदियों की निर्मलता पर संकट खड़ा हो गया है जितनी गंदगी हम गंदे पानी से नहीं करते उससे ज्यादा नदियों किनारे लगने वाले रासायनिक उद्योगों से निकलने वाले जहरीले पानी से कर रहे हैं यह जहरीला पानी गंगा जैसी अमृत समान जल वाली नदियों को शुद्ध करने वाले बैक्टीरिया को मारने का कर रहा है आज गंगा की सहायक नदियां का जहरीला पानी गंगाजल को बर्बाद करने में प्रयुक्त हो रही है इन सहायक नदियों का अपना खुद का कोई जल शेष नहीं बचा है हमें इस ओर जनता का ध्यान आकर्षित करना होगा, न्यूजीलैंड में संसद ने जन जागरण के कारण हेंगनुई नदी को जीवित प्राणी(देवनदी) की कानूनी मान्यता प्रदान कर दी है लेकिन हमारे देश में आज भी हम गंगा मैया को कानूनी मान्यता के लिए निवेदन कर रहे है। प्रांतीय संयोजक डॉ राधाकृष्ण दीक्षित ने कहा फ्री प्याऊ से लेकर हमने पिछले 20 वर्षों में जल बिकाऊ यात्रा देख ली है अगले 25 वर्षो में एक एक बूंद जल को तरसने को तैयार रहें हमारा धन संग्रह हमारे बच्चों की प्यास मिटाने के लिए कम पड़ने वाला है ।

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जैसे पिछले वर्ष आये संकट में हवा, जो हमें फ्री की लगती थी, जनपद बदायूँ की 5 अविरल रहने वाली नदियाँ आज विलुप्त हो चुकी है भैंसोर, अरिल, महावा, सोत नदी की जमीन पर स्थान-स्थान पर कब्जा कर मकान बन चुके है, एक अन्य नदी का नाम तो अब प्रशासन के कागजों से भी गायब हो गया है। कभी बदायूँ के वेदोटोला में बने किले में सोत नदी का जल पीने के लिए सप्लाई होता था। आज इसकी कल्पना भी सम्भव नही है गंगा समग्र गंगा एवं इनकी सहायक नदियों के गंगा ग्रामों में बड़ा जनजागरूकता अभियान गंगा सप्तमी से शुरू कर रही है

जिसमें 15 आयामों के संयुक्त प्रयास से गंगा व सहायक नदियों को बचाने की मुहिम चलाएंगे। गंगा समग्र की प्रांतीय बैठक में बृज प्रान्त के संरक्षक स्वामी पगलानंद महाराज, बृज प्रान्त संयोजक डॉ राधाकृष्ण दीक्षित, सह संयोजक डॉ रविशरण सिंह चौहान, सह संयोजिका सीमा चौहान, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडे, संगठन मंत्री दिनेश, सह संगठन मंत्री विजय, प्रांतीय सदस्य राव मुकुल मान सिंह, विमल भारद्वाज, अर्चना चौहान, अमित शर्मा, अशोक तोमर, संत कुमार, नवल किशोर, ज्ञानेश वाजपेई, गीता सिंह, अम्बरीश महाराज, बदायूँ के सह संयोजक जितेंद्र सोनकर, करुणेश भदौरिया, डॉ सविता चौहान, वीरबाला, जगमोहन राघव, गुड्डी राघव, पंकज कश्यप, अभय प्रताप सिंह एवं नितिन आदि सम्मिलित रहे।

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