बदायूं। प्रदेश सरकार ने आलू किसानों की परेशानी को देखते हुए ऑपरेशन ग्रीन योजना शुरू की है। बुधवार को उद्यान विभाग द्वारा शासन की जारी गाइड लाइन के बारे में बताया गया। इसमें कहा गया है कि कम से कम 100 किलोमीटर की दूरी तय करने पर ही किसानों को किराये में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकेगा। साथ ही किसान द्वारा जो भी धनराशि खर्च की जाए उसका भुगतान बैंक खाते/ ऑनलाइन किया जाए, उसके बाद में ही सब्सिडी का लाभ किसानों को मिलेगा। जिले में मौजूदा समय में आलू की कीमत बेहद कम है। ऐसे में शासन ने प्रदेश के 17 जिलों में ऑपरेशन ग्रीन योजना शुरू की है। इसमें जिले का भी चयन किया गया है। जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि किसानों को कम से कम 100 किलोमीटर दूर ले जाकर आलू की बिक्री करनी होगी। उससे कम दूरी होने पर किसानों को योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। दूरी के साथ-साथ किसानों को ट्रांसपोर्टर की रसीद, वाहन की आरसी, ड्राइवर का डीएल, टोल नाकें की रसीद, बेचने के लिए ले जाने वाले आलू सहित गाड़ी की धर्मकांटे की तौल रसीद, पहले स्थान पर आलू से लदी गाड़ी/ कोल्ड स्टोरेज की जियो टैग फोटो उसके बाद में बिक्री के लिए उतारने से पहले आलू सहित गाड़ी की धर्मकांटे पर तौल की रसीद, बिक्री के बाद प्राप्त होने वाली धनराशि (बैंक खाते में) का प्रमाण, किसान का आधार कार्ड व जमीन का प्रमाण पत्र (खतौनी/जोत बही), किसानों के बैंक खाते का विवरण देने के साथ-साथ सभी भुगतान/ किराया बैंक खाते से (ऑनलाइन) करने पर ही ऑपरेशन ग्रीन योजना का लाभ किसान ले सकते हैं। इसके अलावा किसान को विभाग के पोर्टल पर भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद ही सब्सिडी की धनराशि खाते में पहुंच सकेंगी। शासन की तरफ ऑपरेशन ग्रीन योजना की गाइड लाइन जारी की है। उसके बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है कि वह किसी तरह योजना का लाभ ले सकते हैं।