वैदिक मंत्रों में छिपा है विज्ञान का ज्ञानः कथा व्यास श्रीरामजी दुबे
बदायूं। मोहल्ला कृष्णापुरी के श्रीजी रिसोर्ट के मैदान में श्री राधा कृष्ण सेवा समिति की ओर से आयोजित भागवत कथा के पांचवे दिन कथा व्यास श्री राम जी दुबे ने कहा ,वैदिक मंत्रों में विज्ञान का ज्ञान छिपा हुआ है।हमे या तो उस ज्ञान पर भरोसा नहीं या उस ज्ञान की जानकारी का अभाव है। सिद्ध किते हुए गायत्री मंत्र ध्वनि यदि अंतःकरण में पहुंच जाए तो रक्तचाप की बीमारी में लाभ होता है। इसी तरह गोपी गृहस्त्रोत के मंत्रों की ध्वनि से अनेकों शारीरिक कष्टों का निदान होता है।
आगे बतलाया परमात्मा धन संपत्ति का नहीं प्रेम का भूखा है।उसकी कृपा के लिए घर छोड़कर जंगलों में भटकने की आवश्यकता नहीं है।परमात्मा को पाने के लिए घर की आसक्ति और मन के विकारों को छोड़ने की जरुरत है।जबतक हमारा मन माया मोह में पड़ा रहेगा तब तक हमारा प्रभु से मिलन का मार्ग सुगम नहीं होगा।

एक प्रसंग से स्पष्ट किया कि भागवत कथा सभी पापों से मुक्ति का माध्यम है।कितना बड़ा पाप करने वाला पापी यदि दुबारा पाप न करने का संकल्प लें ले तो निश्चित रुप से उसका कल्याण हो जाएगा।
कृष्णावतार पर बोले कि जब जब इस धरती पर पापों की वृद्धि होती है सनातन धर्म पर संकट आता है ब्राह्मण,गाय और साधू संतों पर अत्याचार होने लगता है तब तब इन सबकी रक्षा करने के लिए और धर्म की दुबारा स्थापना करने लिए परमात्मा का इस धरा धाम पर अवतार होता है।

कथा में नंदोत्सव कृष्ण बधाइयों के साथ बडी धूमधाम से मनाया गया । पीले कपड़ों में सजे भक्तों नें मधुर संकीर्तन पर जमकर भाव नृत्य किया । कथा में समिति के सभी पदाधिकारियों ने व्यवस्थाएं संभाली। पूजन का कार्य उमेश शास्त्री ने कराया और भागवत का मूल पाठ योगेश चतुर्वेदी ने किया ।मुख्य परीक्षित विनय कुमार पाराशर सपत्नीक रहे। कथा में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। संचालन कामेश पाठक ने किया। प्रसाद डाक विभाग से अवकाश प्राप्त सहायक अधीक्षक वेद प्रकाश ने बटवाया ।














































































