राष्ट्रपति चुनाव के लिए मोहम्मद आरिफ खान एवम द्रोपदी के नाम की भी बीजेपी में चर्चा : निर्भय सक्सेना
बरेली। भाजपा की केंद्र सरकार आगामी जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में इस बार देश दुनिया में हो रही घटनाओं को दृष्टिगत कया कोई मुस्लिम चेहरा सामने ला सकती है या किसी महिला को भी अपना उम्मीदवार बना सकता है इसके पत्ते तो अभी नही खुले हैं पर मोहम्मद आरिफ खान के नाम की राजनीतिक गलियारे में चर्चा हो रही है जबकि महिला के नाम पर झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू का नाम भी चल रहा है। उधर वर्तमान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को भी देश के नए राष्ट्रपति के रूप में प्रोन्नत करने की एक वर्ग की चाहत है। आज राज्यसभा के 16 सीट पर हुए मतदान से आने वाले परिणाम भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए बहुत ही अहम ही होंगे। वर्तमान में केरल के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान बीजेपी के सालो से जुड़े दमदार नेता हैं। मोहम्मद आरिफ खान विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के मजबूत समर्थक हैं। मोहम्मद आरिफ खान वर्ष 1972-73 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे । पूर्व में कांग्रेस से जुड़े होने पर कांग्रेस के टिकट पर कानपुर और बहराइच से लोकसभा सदस्य चुनाव भी जीत चुके हैं। प्रधानमंत्री राजीव गांधी की केंद्र सरकार में वर्ष 1986 में शाह बानो पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द करने के राजीव गांधी के फैसले के विरोध में मोहम्मद आरिफ ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में मोहम्मद आरिफ बीजेपी में आ गए थे। अब तो चुनाव आयोग ने भारत के राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान की तिथि 18 जुलाई एवम मतगणना की तिथि भी 21 जुलाई 2022 घोषित कर दी है। इसके साथ ही देश का अगला राष्ट्रपति चुने जाने की गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। देश के राष्ट्रपति चुनाव में इस बार भी केंद्र सरकार और विपक्ष भी अपने चहेते उम्मीदवार के नाम सामने लाएंगे। फिर आपस में सहमति की बात या फिर दोनों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में आमने सामने होंगे। राष्ट्रपति के चुनाव वाले इस माहौल में भारतीय जनता पार्टी का पक्ष अभी मजबूत लग रहा है। केंद्र सरकार और बीजेपी की बात की जाए तो आगामी राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू , राज्यपाल के रूप में कार्यरत तमिलि साई सुंदरराजन (तेलंगाना), दिल्ली के प्रमुख बीजेपी नेता जगदीश मुखी (असम), अनुसुइया उइके (छत्तीसगढ़), आरिफ मोहम्मद खान (केरल) और झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के नाम चर्चा में चल रहे हैं। मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की संभावना भी मजबूत लग रही है। श्री नायडू पहली बार 1983 में आंध्र प्रदेश विधानसभा में विधायक चुने गए थे। उसके बाद 1998 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा का सदस्य बनाया। नायडू ने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार और फिर नरेंद्र मोदी सरकार दोनों में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया ऐसे में नायडू को पदोन्नत करते हुए राष्ट्रपति बनाने की भी अटकल लग रही है। बीजेपी की ओर से ही दूसरे मजबूत प्रत्याशी वर्तमान में केरल के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान मुस्लिम चेहरा भी हो सकते हैं। देश में वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई 2022 को समाप्त हो रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मीडिया को बताया था कि 15 जून 2022 को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। 29 जून को नामांकन की आखिरी तारीख होगी और 18 जुलाई को मतदान होगा। 21 जुलाई 2022 को मतगणना के बाद ही देश के नए राष्ट्रपति के नाम का ऐलान होगा। देश के संविधान के अनुच्छेद 62 के अनुसार, अगले राष्ट्रपति पद का चुनाव कार्यकाल पूरा होने से पहले ही होना चाहिए। भारत के राष्ट्रपति पद के लिए पिछली बार चुनाव 17 जुलाई 2017 को मतदान हुआ था और परिणाम 20 जुलाई 2017 को आए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने विगत दिनों मीडिया को यह भी बताया था कि राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने के लिए चुनाव आयोग ही अपनी ओर से पैन देगा। यदि कोई चुनाव आयोग द्वारा दिए पैन के अलावा किसी और पैन का प्रयोग करता है तो उसका वोट अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया को बताया था कि देश के राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसद और 4033 विधायक, यानी कि कुल 4809 मतदाता वोट देंगे। इस चुनाव में व्हिप लागू नहीं होगा और मतदान पूरी तरह से गुप्त होगा।














































































