प्रकृति की गोद में स्काउट-गाइड का रोमांचकारी सफर, 6500 फीट ऊंची चोटी पर ट्रेकिंग कर दिखाई हिम्मत
बदायूं। भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद स्थित शीतलाखेत में आयोजित नेचर स्टडी कम ट्रेनिंग कैंप एवं एडवेंचर कैंप के तीसरे दिन बदायूं के स्काउट-गाइडों ने साहस, अनुशासन और रोमांच का अद्भुत परिचय दिया। प्रतिभागियों ने 6500 फीट ऊंची पर्वतीय चोटी पर घने जंगलों, पहाड़ों, कंदराओं और प्राकृतिक गुफाओं के बीच कठिन ट्रेकिंग कर प्राचीन पाषाण देवी मंदिर, देववनी और गदेरा क्षेत्र का भ्रमण किया।पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कैंप में उपस्थित स्काउट-गाइडों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति केवल पेड़-पौधों, नदियों और पहाड़ों का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन का आधार है। प्रकृति मां की तरह निस्वार्थ भाव से मानवता को जल, वायु, अन्न और औषधियां प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की गोद में ही वास्तविक सुख, शांति और स्वर्ग का अनुभव किया जा सकता है। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।कैंप के लीडर ऑफ द कोर्स एएसओसी जय प्रकाश दक्ष ने कहा कि युवाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। चुनौतियों का सामना करने वाले युवा ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को साहसिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा दी।
शीतलाखेत केंद्र प्रभारी त्रिवेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित ट्रेकिंग के दौरान स्काउट-गाइडों को क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न औषधीय पौधों एवं उनकी उपयोगिता की जानकारी भी दी गई। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के महत्व पर विशेष चर्चा की गई।एडवेंचर प्रोग्राम के अंतर्गत लीडर ऑफ द कोर्स अमित सैनी, एडवेंचर इंस्ट्रक्टर मोहित कुमार एवं आनंद मालियान ने प्रतिभागियों को वुग बैलेंसिंग, जिग-जैक बैलेंसिंग, टायर जंपिंग, नेट क्रॉसिंग, लैडर क्लाइम्बिंग, बीम बैलेंसिंग तथा स्काई साइकिलिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। स्काई साइकिलिंग और अन्य साहसिक अभ्यासों में स्काउट-गाइडों नेउत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी हिम्मत और संतुलन क्षमता का प्रदर्शन किया।इस अवसर पर रोहित गुप्ता, जीवन गोला, फरदीन अहमद, अरहम खान, अरशद खान, निशात, डीओसी विष्णु विश्वकर्मा, दिनेश यादव, रामेश्वरी वर्मा, लाल बहादुर पटेल सहित अनेक स्काउट-गाइड एवं प्रशिक्षक मौजूद रहे। कैंप में प्रतिभागियों ने प्रकृति के करीब रहकर साहस, अनुशासन, टीम भावना और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण पाठ सीखे।















































































