मुख्य समाचार पर जाएँ
Saturday, 17 October 2026
SKS24NEWSNational Hindi Digital News Networkख़बर वही, जो सच बताए!
देश की आवाज़स्थानीय खबरें · राजनीति · शिक्षा · खेल
☀️ 22.0 °C साफ · बदायूँ
🥇 सोना ₹1,51,950.00 / 10 ग्राम
🥈 चांदी ₹2,35000/ किलो
सुर्खियाँ
अभाविप की रुहेलखंड विश्वविद्यालय इकाई का गठन, पुष्पेंद्र कठेरिया अध्यक्ष एवं शौर्य शुक्ला बने इकाई मंत्रीत्योहारों को लेकर बदायूं में पुलिस-प्रशासन अलर्ट, डीएम और एसएसपी ने भारी पुलिस बल के साथ किया पैदल रूट मार्चपूर्व राज्यमंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल ने फीता काटकर किया मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बरात का उद्घाटनग्राम कैली में 500 मीटर सड़क निर्माण कार्य का नगर विधायक महेश गुप्ता ने किया शिलान्यासश्री त्रिवटीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव और गोवर्धन लीला का किया वर्णनछात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने के लिए लंबी कतारों की समस्या पर अभाविप ने किया प्राचार्य का घेराव, चार अतिरिक्त बायोमैट्रिक मशीनें लगाने का निर्णय
Uttar Pradesh

हिन्दू जागृति मंच की ओर से काव्य गोष्ठि व पौधरोपण हुआ

June 5, 2022By sharad kumar0 comments
👁 0 views
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

बदायूं। हिन्दू जागृति मंच की ओर से एच. एल. विद्या निकेतन में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन एवं वृक्षारोपण किया गया।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow

कार्यक्रम का शुभारंभ काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र कुमार मल्होत्रा एवं विशिष्ट अतिथि चन्द्रपाल सिंह सरल द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
तत्पश्चात वीरबाला सिंह एवं अजीत सुभाषित द्वारा माँ शारदे की वन्दना प्रस्तुत की गयी ।

गीतकार अरविंद धवल ने पढ़ा,
पेड़ काटि डारौगे तौ मरि नाँहि जइहौ रे।
साँस कैसे लियौ और कहा पिऔ खइहौ रे।

सुरेंद्र नाज़ ने पढ़ा,
फरेबों से ये दुनिया पाक कर दे ।
या फिर मुझको खुदा चालाक कर दे ।

भूराज सिंह राजलायर ने पढ़ा,
कब्र से खींचकर मुर्दे को साँस दी मैंने
पी लिये अश्क और मुस्कान बाँट दी मैंने
मुझे सौगात में जहरीले फल दिये जिसने
शजर के जिस्म से वो डाल छांट दी मैंने

सरिता चौहान ने पढ़ा,
नहीं दुनिया में गर ये प्यार होता
न होते गुल यहां बस खार होता
दर ओ दीवार चुप आंगन है सूना
नहीं बेटी के बिन घरबार होता

अजीत सुभाषित ने पढ़ा,
दाना कहां से लाए चिड़िया?
कैसे प्यास बुझाए चिड़िया?
अंडों के भीतर तक विकिरण,
कैसे वंश बढ़ाए चिड़िया??

उज्ज्वल वशिष्ठ ने पढ़ा,
जो पानी से है रिश्ता मछलियों का,
वही है आपसे रिश्ता हमारा।
हिमायत इस कदर की है शजर की,
परिन्दों में भी है चर्चा हमारा।

इसके अतिरिक्त चंद्र पाल सिंह सरल,मनीष प्रेम,अभिषेक अनंत,हर्षवर्धन मिश्रा,विराट भदौरिया एवं शुभम् वशिष्ठ ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

अंत में कार्यक्रम संयोजक मंच के महामंत्री करुणेश कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष जगदीश सरन शर्मा ने सभी कवियों एवं पधारे अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन उज्ज्वल वशिष्ठ ने किया।

कार्यक्रम में प्रमोद कुमार शर्मा,अनमोल गुलाटी,यशोमोहन शर्मा, काव्या भदौरिया,आद्या,भव्या,सर्वेश कुमारी शर्मा,मीरा रावत,विनोद रावत,दिलप्रीत सिंह, आदि उपस्थित रहे।

https://youtu.be/DPVGR1eKaUw
WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

यह भी पढ़ें

Home
Live TV
VIDEO NEWS
+ Create
Verified by MonsterInsights