हिन्दू जागृति मंच की ओर से काव्य गोष्ठि व पौधरोपण हुआ
बदायूं। हिन्दू जागृति मंच की ओर से एच. एल. विद्या निकेतन में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन एवं वृक्षारोपण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र कुमार मल्होत्रा एवं विशिष्ट अतिथि चन्द्रपाल सिंह सरल द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
तत्पश्चात वीरबाला सिंह एवं अजीत सुभाषित द्वारा माँ शारदे की वन्दना प्रस्तुत की गयी ।
गीतकार अरविंद धवल ने पढ़ा,
पेड़ काटि डारौगे तौ मरि नाँहि जइहौ रे।
साँस कैसे लियौ और कहा पिऔ खइहौ रे।
सुरेंद्र नाज़ ने पढ़ा,
फरेबों से ये दुनिया पाक कर दे ।
या फिर मुझको खुदा चालाक कर दे ।
भूराज सिंह राजलायर ने पढ़ा,
कब्र से खींचकर मुर्दे को साँस दी मैंने
पी लिये अश्क और मुस्कान बाँट दी मैंने
मुझे सौगात में जहरीले फल दिये जिसने
शजर के जिस्म से वो डाल छांट दी मैंने
सरिता चौहान ने पढ़ा,
नहीं दुनिया में गर ये प्यार होता
न होते गुल यहां बस खार होता
दर ओ दीवार चुप आंगन है सूना
नहीं बेटी के बिन घरबार होता
अजीत सुभाषित ने पढ़ा,
दाना कहां से लाए चिड़िया?
कैसे प्यास बुझाए चिड़िया?
अंडों के भीतर तक विकिरण,
कैसे वंश बढ़ाए चिड़िया??
उज्ज्वल वशिष्ठ ने पढ़ा,
जो पानी से है रिश्ता मछलियों का,
वही है आपसे रिश्ता हमारा।
हिमायत इस कदर की है शजर की,
परिन्दों में भी है चर्चा हमारा।
इसके अतिरिक्त चंद्र पाल सिंह सरल,मनीष प्रेम,अभिषेक अनंत,हर्षवर्धन मिश्रा,विराट भदौरिया एवं शुभम् वशिष्ठ ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
अंत में कार्यक्रम संयोजक मंच के महामंत्री करुणेश कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष जगदीश सरन शर्मा ने सभी कवियों एवं पधारे अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन उज्ज्वल वशिष्ठ ने किया।
कार्यक्रम में प्रमोद कुमार शर्मा,अनमोल गुलाटी,यशोमोहन शर्मा, काव्या भदौरिया,आद्या,भव्या,सर्वेश कुमारी शर्मा,मीरा रावत,विनोद रावत,दिलप्रीत सिंह, आदि उपस्थित रहे।














































































