विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका विषय पर विचार-गोष्ठी हुई
बदायूं।गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई० क्यू०ए० सी०) के तहत वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण समिति एवं मिशन शक्ति विशेष अभियान के संयुक्त तत्वावधान में ” विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर “पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका” विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन कर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वावलंबन सुरक्षा एवं सम्मान की रक्षा की शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ प्रोफेसर वन्दना शर्मा, उप प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल एवं वृक्षारोपण व पर्यावरण संरक्षण समिति संयोजिका व मिशन शक्ति प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती द्वारा माँ सरस्वती को नमन् कर किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्या प्रोफेसर वंदना शर्मा ने बताया कि यदि हम अपनी संस्कृति, सामाजिक प्रथाओं और रीति रिवाजों को देखें तो साफ झलकता है की प्राचीन काल से ही महिलाएं किसी न किसी बहाने से पर्यावरण से जुड़ी हुई हैं। भारत में महिलाओं ने पर्यावरण के प्रति मनुष्य के लगाव को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया है। आज भी वे अपना ज्यादा समय पर्यावरण के करीब बिताती है। महिलाएं व्रत-त्यौहार के अवसर पर, प्रतिदिन के कामकाज में, पूजा-अर्चना में अनेक वृक्षों का सरंक्षण करती है। जैसे- तुलसी, पीपल, नीम, आंवला, अशोक, केला आदि वृक्षों की देखभाल तो महिलाएं रीति-रिवाज के तौर पर पीढ़ी दर पीढ़ी करती आ रही हैं। कार्यक्रम संयोजिका असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी ने बताया कि यदि हम पर्यावरण संरक्षण के इतिहास पर नजर डाले तो ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में नेतृत्व कर प्रकृति को बचाया है।

चिपको आन्दोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, खेजड़ली आंदोलन वे आंदोलन हैं जिसमें महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये थे, कहते है कि‘कोई भी बड़ा सामाजिक परिवर्तन महिलाओं के बिना नहीं हो सकता है।’ महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाई और वर्तमान में भी निभा रही हैं। डॉ गार्गी बुलबुल ने कहा कि हर किसी को पर्यावरण बचाने के लिए अपने अनुसार छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए ताकि हमारी धरती हमेशा हरी-भरी रहे क्योंकि प्रकृति है, तभी हम हैं। इस अवसर पर डॉ गार्गी बुलबुल, डॉ सोनी मौर्य, डॉ वंदना वर्मा, डॉ उमा सिंह गौर ने भी अपने विचार रखें। अंत में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वावलंबन सुरक्षा एवं सम्मान की शपथ भी दिलाई गई। छात्राओं में कु सौम्या, रोशनी, पूजा, रजनी, नेहा, प्रियंका आदि की सक्रिय सहभागिता रही।















































































