छात्राओं को चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो के तहत परामर्श सत्र हुआ
बदायूं। गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की आई क्यू ए सी के तत्वावधान में चलाए जा रहें “मिशन शक्ति विशेष अभियान” के तहत आज नारी सशक्तीकरण पर चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो के तहत परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जानकारी दी गई और शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे को नमन कर किया गया। सर्वप्रथम प्राचार्या डॉ वंदना शर्मा ने कहा कि “अब चुप्पी तोड़ने और खुलकर बोलने का समय आ गया है, इसीलिए सभी महिलाओं एवं बालिकाओ को अपराजिता बनकर आगे बढ़ने की जरूरत है।” आज भी माहवारी को शर्म का विषय मानते हुए इस पर खुलकर बात नही की जाती।इससे किशोरियों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है इसीलिए बालिकाओं को चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलने एवं माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक होना होगा।

कार्यक्रम संयोजक मिशन शक्ति प्रभारी व यूनिसेफ़ की मुस्कुराएगा इंडिया काउंसलर असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती एवं उनकी टीम ने छात्राओं की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा,लैंगिक असमानता,घरेलू हिंसा,कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह ,दहेज प्रथा एवं शारीरिक तथा मानसिक उत्पीड़न आदि के प्रति आज की बेटियों को अपनी चुप्पी तोड़कर मुखर होना पड़ेगा, सबल होकर कुरीतियों का विरोध करना होगा। उन्हें अपने प्रति किये जा रहे प्रत्येक प्रकार के अन्याय, अनीति एवं शोषण के खिलाफ न केवल जोरदार आवाज उठानी होगी, बल्कि प्रत्येक तरह से उसका प्रतिकार करना होगा । जिसके बल पर वो अपनी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन हेतु स्वयं सशक्त एवं सबल हो सकती हैं। उन्हें किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉ इन्दु शर्मा ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने और अधिकारों के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। डॉ० श्रद्धा यादव ने खेल के क्षेत्र में कैरियर ऑपरट्यूनिटी पर छात्राओं की जिज्ञासाओं का निराकरण किया।
इस अवसर पर मिशन शक्ति समिति की सदस्या डॉ शिखा,डॉ शिल्पी तोमर सहित महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं ने छात्राओं की समस्याओं को सुना और समस्याओं के समाधान हेतु परामर्श दिए।















































































