बदायूं। जिले में मेरा गांव मेरी धरोहर ऐप के जरिए कॉमन सर्विस सेंटर गांव के बिखरे धरोहरों को सहेजा जाएंगे हर गांव का सर्वे कर केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे कर हर गांव की घर वालों को कोई भी कहीं से देख और जान सकेगा इससे आने वाले समय में गांव की संस्कृति को एक नई पहचान मिलेगी इस संबंध में कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला कृषि विभाग सभागार बदायूं जिला मुख्यालय पर संपन्न हुई ऐतिहासिक धरोहर मान्यताएं पारंपरिक भोजन पारंपरिक पोशाक आभूषण पारंपरिक कला और शिल्प त्यौहार और मेले प्रमुख कलाकार व्यक्ति के बारे में जिला प्रबंधक शोभित माहेश्वरी द्वारा दी गई , संचालकों को निर्देशित किया गांव में इस योजना के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत का डेटाबेस तैयार करें कोई भी गांव छूटना नहीं चाहिए उन्होंने बताया मोबाइल ऐप में जियो टैगिंग है जिससे उस गांव में जाकर कार्य करना होगा कम से कम 5 लोगों से बातचीत करके ही सांस्कृतिक विरासत की जानकारी हासिल करनी है जिला प्रबंधक मोहित शर्मा के द्वारा डिफेंस पेंशन पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई कार्यक्रम में डेढ़ सौ से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों ने प्रतिभाग किया ।