यूपी में दूसरे चरण की वोटिंग कल, इन सीटों पर होगी वोटिंग ,586 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
नई दिल्ली।उत्तरप्रदेश में कल यानी 14 फरवरी को दूसरे चरण के तहत वोटिंग होनी है। दूसरे चरण में पश्चिमी यूपी के 9 जिलों में सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर की 55 सीटों पर मतदान होगा।
दूसरे चरण में कुल 586 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जिसमें सबसे अधिक 15-15 उम्मीदवार कांठ, बरेली कैंट और शाहजहांपुर में है। दूसरे चरण के चुनाव में किसी विधानसभा सीट पर 15 से ज्यादा उम्मीदवार नहीं है। लिहाजा इन सभी विधानसभाओं में सिर्फ एक ईवीएम इस्तेमाल में लाई जाएगी। एक ईवीएम में 16 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। दूसरे चरण में 8 विधानसभा सीटें आरक्षित श्रेणी में हैं।
दूसरे चरण में इन सीटों पर होगी वोटिंग
बेहट, नकुड, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर मनिहारन, गंगोहा, नजीबाबाद, , नगीना, बढ़ापुर, धामपुर, नेहटौर, बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर, , कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुदरकी, बिलारी, चंदौसी, असमौली, संभल, स्वार, चमरउवा, बिलासपुर, रामपुर, मिलक, धनौरा, नौगावां सादाता, अमरोहा,हसनपूर, गुन्नौर, बिसौली, सहसवान, बिल्सी, बदायूं, शेखूपुर, दातागंज, बहेडी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरीचैन, बरेली, बरेली कैट, आंवला, कटरा, शाहजहांपुर, जलालाबाद, तिलहर, पवायां, ददरौली।
दूसरे चरण के मतदान में उत्तर प्रदेश के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। शाहजहांपुर सीट से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बिलासपुर से जलशक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, बदायूं से नगर विकास राज्य मंत्री महेश चन्द्र गुप्ता, चंदौसी से माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के अलावा आयुष राज्यमंत्री रहे डा. धर्म सिंह सैनी जो अब सपा में आ गए हैं, वे नकुड़ सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इसके अलावा पूर्व मंत्री मो. आजम खां रामपुर और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम स्वार सीट से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से भाजपा की सहयोगी अपना दल सोनेलाल से हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वे पूर्व सांसद नूर बानो के पौत्र हैं। संभल से सपा के टिकट से पूर्व मंत्री इकबाल महमूद व अमरोहा से पूर्व मंत्री महबूब अली भी साइकिल चुनाव चिह्न से मैदान में है। हाल ही में सपा में शामिल बरेली कैंट से पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन चुनाव लड़ रही हैं।

दूसरे चरण में जिन इलाके की सीटों पर चुनाव है, उन पर मुस्लिम वोटर काफी माने जाते हैं। यहां जाट और मुस्लिम वोटों के साथ-साथ कुर्मी और लोध वोटर निर्णायक भूमिका में है तो सैनी-मौर्य और दलित वोटर किंगमेकर की भूमिका में है। सपा का यह पुराना गढ़ रहा है। बीजेपी के लिए दूसरा चरण का सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
इन सीटों पर मुस्लिम और दलित आबादी को देखते हुए पहले चरण की तुलना में यह चुनाव सभी पार्टियों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण है। 25 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करते हैं, जबकि 20 सीटों पर दलित मतदाताओं की संख्या लगभग 20 प्रतिशत से ज्यादा है।
2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद इन सीटों में समाजवादी पार्टी को 27 सीटों पर जीत मिली। जबकि बीजेपी को 13 पर और बीएसपी को 11 सीटों पर जीत मिली। वही 2012 के विधानसभा चुनाव में भी सपा को 27 सीट पर जीत मिली थी, जबकि बीजेपी को 8 सीटें ही मिली थीं।














































































