बिल्सी। नगर के सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के तत्वावधान में ज्वाला प्रसाद जैन बाल निकेतन स्कूल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा आठवें दिन कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरू श्री रामानुजाचार्य स्वामी रामचन्द्राचार्य कहा कि भगवान राम और कृष्ण एक ही हैं। अज्ञानी लोग भेद करते हैं। भगवान की कथा औषधि है स्वयं भगवान वैद्य हैँ। जीवन का सत्य शिव और सुंदर हो जाना है। मानव शरीर परमात्मा की प्राप्ति का साधन है इसलिए शरीर रूपी साधन का ध्यान रखना भी जरूरी है। भगवान की शरणागति के बिना जीवन में शांति संभव नहीं शरणागति सभी बाधाओं की निवृत्ति का एकमात्र साधन है। हमारी सभी इंद्रियां भगवान के चरणों से जुड़ जाएं। वास्तविकता में वही व्रत है। वैष्णवों को एकादशी व्रत अवश्य करना चाहिए। सभी बृजवासी भगवान के साथ एकादशी व्रत करते हैं और भगवान की आराधना करते हैं। कथा के बाद महन्त मटरुमल शर्मा महाराज, शांति देवी ने की आरती की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर नरेंद्र गरल, आशीष वशिष्ठ, लोकेश बाबू, सुभाष वाहेती, प्रदीप शर्मा, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, दीपक माहेश्वरी, पुष्कीन माहेश्वरी, आचार्य धुव, रंजन माहेश्वरी, स्वतंत्र राठी, मंजुला शर्मा, रीनू शर्मा, मनीषा शर्मा, रेखा शर्मा, कल्पना भारद्वाज, सरिता माहेश्वरी, मोहित देवल, डा.राजाबाबू वार्ष्णेय, ,गिरीश गिरि, मुनीश गिरि, जयप्रकाश माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, सुवीन माहेश्वरी, चंद्रपाल माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।