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एसआरएमएस रिद्धिमा में नाटक “ब्रोकन चेयर” का मंचन हुआ

June 15, 2026By admin0 comments
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बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार शाम को रंगमंचीय संस्था रंगचक्र, प्रयागराज की ओर से प्रख्यात लेखक स्माइल चुनारा लिखित तथा उमा झुनझुनवाला द्वारा हिंदी अनूदित चर्चित मनोवैज्ञानिक नाटक “ब्रोकन चेयर” का प्रभावशाली मंचन हुआ। नाटक का निर्देशन गौरव शर्मा ने किया। नाटक में मानव जीवन के अंतर्द्वंद्व, भौतिक वस्तुओं के प्रति मोह तथा मानवीय संबंधों की जटिलताओं को उजागर किया गया। इसकी कहानी तीन पुराने साथियों रवि, अजीज और सुमित्रा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो वर्षों बाद एक वीरान स्थान पर मिलते हैं। वहां रवि को एक टूटी हुई कुर्सी दिखाई मिलती है, जिसका एक पाया गायब होता है। पाये की तलाश के दौरान उसे पता चलता है कि वह पाया अजीज के पास है। रवि उससे कुर्सी का पाया मांगता है, लेकिन अजीज इंकार कर देता है। वह कहता है कि पाया उसे मिला है, इसलिए अब उस पर उसी का अधिकार है। धीरे-धीरे एक साधारण-सी वस्तु को लेकर दोनों के बीच अधिकार और स्वामित्व का विवाद गहराने लगता है। तभी सुमित्रा वहां पहुंचती है। वह भी कुर्सी को हासिल करना चाहती है। अजीज उससे पूछता है कि यदि वह कुर्सी का पाया उसे दे दे, तो बदले में वह क्या दे सकती है। सुमित्रा अपने पास मौजूद एक टूटी और बंद घड़ी देने का प्रस्ताव रखती है। किंतु कोई भी अपनी वस्तु छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता। इस प्रकार तीनों दोस्त अपनी-अपनी वस्तुओं के मोह में इस कदर बंध जाते हैं कि उनके बीच के मानवीय संबंध और पुरानी मित्रता गौण होती चली जाती है। नाटक में टूटी हुई कुर्सी, उसका पाया और बंद घड़ी केवल वस्तुएँ नहीं हैं, बल्कि मनुष्य के भीतर मौजूद मोह, स्वार्थ, स्मृतियों, असुरक्षाओं और अधिकारबोध के सशक्त प्रतीक बनकर उभरते हैं। साधारण प्रतीत होने वाली यह कथा जीवन के गहरे दार्शनिक प्रश्नों को सामने लाती है और दर्शकों को यह सोचने पर विवश करती है कि जीवन में अनेक संघर्ष उन वस्तुओं के लिए होते हैं जिनका वास्तविक महत्व बहुत कम होता है, जबकि रिश्ते और मानवीय संवेदनाएँ कहीं अधिक मूल्यवान होती हैं। नाटक में अजीज की भूमिका में आयुष केसरवानी, सुमित्रा की भूमिका में श्वेता जायसवाल तथा रवि की भूमिका में हर्षित केसरवानी ने प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों की सराहना हासिल की। प्रस्तुति के तकनीकी एवं व्यवस्थागत पक्ष में मंच से परे प्रोडक्शन कंट्रोलर के रूप में रवींद्र वर्मा, मंच निर्माण में सत्यम तिवारी एवं शिवम प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। नाटक में संगीत संयोजन हेमंत सिंह ने दिया। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, उषा गुप्ता, देविशा, सुभाष मेहरा, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. अनुज सक्सेना, डा. शैलेश सक्सेना, डा. रीता शर्मा और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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