मूर्ख व्यक्ति समय का सदुपयोग नहीं कर पाता
बिल्सी में भागवत कथा का सातवां दिन
बिल्सी। नगर के सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के तत्वावधान में ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरू श्री रामानुजाचार्य स्वामी रामचन्द्राचार्य के मुखारविंद से कथा सुनाते हुए भगवान ने दावानल से अपने मित्रों की रक्षा के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि भगवान के मित्र बालक प्रतिदिन भगवान का वन के सुंदर-सुंदर पुष्पों से श्रृंगार करते हैं। भगवान के अनन्य भक्त भगवान को जिस रूप में देखना चाहते हैं। भगवान उसी रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। संसार से की गई आशा सदैव दुख का कारण ही बनती है। परंतु भगवान से जुड़ी हुई आशा कल्याणकारी होती है। जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं वह सब भगवान के श्री चरणों में समर्पित कर देना चाहिए। जब हम भगवान के श्री चरणों में अपने समस्त कर्मों को समर्पित कर देते हैं तो फिर हमारी चिंता स्वयं भगवान करते हैं। दशम स्कंध में भगवान की बड़ी मनोहारी लीलाएं हैं। प्रलम्बासुर का उद्धार भगवान ने बलराम जी के द्वारा करवाया। छोटे-छोटे बालक भगवान को खेल में पराजित कर देते हैं। भगवान उन से पराजित होकर घोड़ा बन जाते हैं। भक्त कभी भी निराशावादी नहीं होता है परंतु संसार के प्रति कभी आशावादी भी नहीं होता है। बृज की गोपियां प्रतिक्षण भगवान के चिंतन में निमग्न रहती हैं। विद्वान वही है जो अपना समय शस्त्रों के अभ्यास में अच्छे अच्छे कार्यों में अपने समय का सदुपयोग करें। मूर्ख व्यक्ति समय का सदुपयोग नहीं कर पाता। मूर्ख व्यक्ति व्यर्थ में ही अपने जीवन के अमूल्य समय को नष्ट कर देता है। भगवान ने वर्षा ऋतु के माध्यम से बलराम जी को बड़ा ही सुंदर संसार का और सांसारिक धर्मों का उपदेश किया। इस मौके पर महन्त मटरुमल शर्मा महाराज, शांति देवी, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता, राजीव शर्मा, श्रीकांत मिश्रा, दीपक माहेश्वरी,यश शर्मा, पुष्कीन माहेश्वरी, आचार्य ध्रुव मिश्रा, देव वार्ष्णेय, कुशाग्र माहेश्वरी, देवांश सोमानी, शिवकुमार, सनुज माहेश्वरी, रंजन माहेश्वरी, जितेंद्र कुमार, सरिता माहेश्वरी, लता माहेश्वरी, मोहित देवल, देव वार्ष्णेय, मुकेश गुप्ता, प्रवीण वार्ष्णेय, विशाल खाशट, राजाबाबू वार्ष्णेय, अनूप माहेश्वरी, दीपू माहेश्वरी, रोहित माहेश्वरी, नीरज तोष्णीवाल आदि मौजूद रहे।












































































