सहसवान। वन विभाग की टीम पर लकड़ी तस्करों द्वारा किए गए हमले के मामले में देर शाम दो नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। गुरुवार शाम तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को तलाश किया जा रहा है। बुधवार को वन दारोगा जितेन्द्र कुमार ने पुलिस को तहरीर दी थी। उसका कहना था कि दोपहर में वनकर्मियों को सूचना मिली कि गांव गहलोल के पास आम के हरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। वन दारोगा जितेन्द्र कुमार वनरक्षक सुशांक कुमार, वीकेन्द्र कुमार, अनिल राजपूत के साथ बोलेरो कार से वहां पहुंचे। उन्होंने हरे आम के पेड़ की लकड़ी लाद कर ले जा रहे ट्रेक्टर ट्राली को रोका तो ट्रेक्टर सवार लोग धमकी देने लगे। बोलेरो कार से रोकने का प्रयास किया तो ट्रेक्टर सवारों ने कार में टक्कर मार दी और भाग निकले। वनकर्मियों की सूचना पर पीआरवी पहंची तो ट्रेक्टर चालक ने ट्राली में लदी लकड़ी सडक पर पलट दी और आगे चल रही वन विभाग की कार को रौंदने का प्रयास किया। वन दारोगा जितेन्द्र कुमार की ओर से पुलिस ने हरनातकिया के वासिद, भूरे और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है।