सभी हिंदी भाषा को व्यवहार में लाने का प्रयास करे
हिन्दी पखवाड़े के तहत कालेज में हुई कई प्रतियोगिताएं
बिल्सी। नगर के महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज गुरुवार को महिला प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में मिशन शक्ति तृतीय चरण के तहत हिंदी पखवाड़ा में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डा.वसुधा श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि कि हर साल 14 सितंबर को हम हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं। क्या हमने जानने का प्रयास किया है कि आखिर यह हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है शिक्षित-अशिक्षित भारत का प्रत्येक नागरिक हिंदी शब्द से परिचित है। हिंदी आज भारत की राजभाषा है। हमारी हिंदी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम फेरा रही है। हिंदी भाषी होना अपने आप में एक गर्व है। हम सभी को यह शपथ लेनी चाहिए कि अपनी हिंदी भाषा का अपने व्यवहार में अधिक से अधिक लाने का प्रयास करें। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी डॉ पंकज कुमार सिंह ने हिंदी शब्द की उत्पत्ति और हिंदी के व्यवहारिक अर्थ को बड़े ही सारगर्भित ढंग से परिभाषित किया और हिंदी भाषी क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन कर रही आराधना वर्मा ने हिंदी की विशेषताओं को बताते हुए कहा कि हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जो बोली जाती है वही लिखी जाती है और हिंदी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर किस प्रकार से हम अपने भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विनीता यादव-प्रथम, रिंकी-द्वितीय, शालिनी-सुधा कुमारी-तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्वरचित कविता पाठ में सोनी चौहान-प्रथम, प्राची-द्वितीय, अंजली-महक ने तृतीय स्थान पाया। भाषण प्रतियोगिता में सोनी चौहान-प्रथम, रचना-द्वितीय एवं अंजलि-तृतीय स्थान पर रही। इस मौके पर डा.शाहाबुद्दीन अली खां, अब्दुल रईस, मनीषा, प्राची, वैष्णो देवी, सत्येंद्र, महक, मोनिका, गौरव शाक्य, सुधा आदि मौजूद रहे।













































































