बिल्सी के 91 गांवों में ड्रोन से मैपिंग कर तैयार होगी घरौनी
तहसील सभागार में हुई राजस्व लेखपाल की बैठक
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र की आबादी की जमीनों पर बसे घरों का सर्वे के लिए 91 गांवों में ड्रोन के माध्यम से घरौनी को तैयार किया जाएगा। इन गांवों में लेखपालों को घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करने के लिए तैनात किया जा चुका है। कई चरणों की प्रक्रिया के बाद आबादी की भूमि पर बने मकानों के मालिकों को स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जाएगा। सरकार की इस कवायद से गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी। आज इसको लेकर तहसील सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें राजस्व लेखपालों ने हिस्सा लिया। नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी ने बताया कि अभी तहसील के 91 गांवों में लेखपालों द्वारा सर्वे किए जाने के बाद ड्रोन से 13 सिंतबर से भी मैपिंग कराई जाएगी। शेष गांवों में लेखपालों की टीम तैनात कर डोर टू डोर सर्वे भी जारी है। इस सर्वे में आबादी की जमीन पर बने मकानों में रहने वाले लोगों की संख्या, मालिक, एकल या संयुक्त तथा मकान के कच्चा या पक्का होने जैसी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इस समय प्रपत्र पांच भरा जा रहा है। प्रपत्र पांच भरे जाने के बाद ही ड्रोन को गांव की मैपिंग की कराई जाएगी। मैपिंग के बाद क्षेत्र में फिर से राजस्व टीम क्रास चेकिंग के लिए पहुंचेगी ताकि यह पता चल सके कि मैपिंग सही हुई है अथवा नहीं। टीमें आबादी की जमीनों को चिन्हित कर सीमांकन करती हैं। सीमांकन के बाद घरों के अनुसार विशेष नंबर आवंटित किए जाएगें। नंबरिंग के बाद प्रत्येक घर के गृहस्वामी का नाम लिखा जाएगा। नंबर आवंटन के बाद नक्शे से सम्बन्धित प्रपत्र चार भरा जाएगा जबकि सर्वेक्षण के करेक्शन के लिए फार्म छह भरा जाएगा। सभी सर्वेक्षण व प्रपत्रों के भरे जाने के बाद जनता को आपत्ति का मौका दिया जाएगा। सर्वे के बाद सामने आने वाले डाटा के आधार पर जनता को अपनी आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर ड्रोन डिजीटल प्रभारी सुरेंद्र पाल, रुपक सक्सेना, राजेश कुमार शर्मा, योगेश शर्मा, ममता यादव, दिव्या भारती, लवी भारद्वाज, सूर्यप्रताप सिंह, मुनीष कुमार, विजेंद्र कुमार, ओमवीर सिंह, हरिओम, रामनाथ आदि मौजूद रहे।













































































