बिल्सी। बिसौली रोड स्थित श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पदमांचल जैन मंदिर पर बीती शाम जैन समाज की महिलाओं द्वारा पर्यूषण पर्व से पहले भगवान जिनेंद्र की आराधना करते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर पार्श्वनाथ स्रोतम पाठ का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए शीला जैन ने बताया कि कल्याण मंदिर स्तोत्र पाठ करने से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। संस्कृत भाषा में लिखित बताया गया है कि इस स्तोत्र के रचयिता श्री कुमुदचंद्राचार्य हैं। इसमें भगवान पारसनाथ की स्तुति होने के कारण इसका नाम पारसनाथ स्रोत्रम् भी है परंतु स्त्रोत्र कल्याण मंदिर शब्द से प्रारंभ होने के कारण इसका नाम यही पड़ गया है। कहा जाता है कि उज्जयिनी के बाद विवाद में इसके प्रभाव से एक अन्य देव की मूर्ति से श्री पारसनाथ की प्रतिमा प्रकट हो गई थी। इस पाठ की अभूत पूर्व महिमा मानी गई है। इसके पाठ और जाप से समस्त विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं। सुख-शांति समृद्धि प्राप्त होती है। बताते है कि 10 सिंतबर से जैन समाज का सबसे महत्वपूर्ण दस दिवसीय पर्व पर्यूषण पर्व होने जा रहा है। जिसको लेकर यहां तैयारियां शुरु कर दी गई है। इस मौके पर मृगांक जैन टीटू, प्रशांत कुमार जैन, अनिल कुमार जैन, दीपक जैन, अनूप जैन, सलोनी जैन, पूजा जैन, ज्योति जैन, अभिषेक जैन, मनोज जैन, सुनहरी जैन, जयप्रकाश जैन, रामप्रकाश जैन आदि मौजूद रहे।