पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में महासिद्धेश्वर ने स्थापित की काल भैरव की प्रतिमा,भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक के भक्ति भाव की श्रृंगी ऋषि ने की सराहना
दातागंज के सराय पिपरिया स्थित पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ हवन-पूजन, नंदी की प्रतिमा के साथ नाग-नागिन, कलश और घंटा किया गया अर्पित महासिद्धेश्वर श्रृंगी ऋषि महाराज बोले—धाम में भगवान शिव की असीम ऊर्जा का किया जा सकता है अनुभव, आने वाले समय में भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में होगी इसकी पहचान काल भैरव के अनन्य भक्त होने के नाते श्रृंगी ऋषि ने स्वयं स्थापित की प्रतिमा, बोले—भोलेनाथ और काल भैरव की कृपा हो जाए तो मनुष्य को सभी चिंताएं छोड़ देनी चाहिए उपजिलाधिकारी दातागंज विनोद सिंह समेत तहसील प्रशासन रहा मौजूद, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर लिया भगवान शिव और काल भैरव का आशीर्वाद दातागंज। तहसील क्षेत्र के ग्राम सराय पिपरिया स्थित पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में शनिवार को धार्मिक आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला। यहां काल भैरव की प्रतिमा स्थापना के साथ विधि-विधान से हवन एवं पूजन किया गया। काल भैरव मठ से पहुंचे महासिद्धेश्वर श्रृंगी ऋषि महाराज ने स्वयं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हुए पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में काल भैरव की प्रतिमा स्थापित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा।
श्रृंगी ऋषि महाराज ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से हवन किया। इसके साथ ही धाम में नंदी की प्रतिमा स्थापित की गई। उन्होंने नाग-नागिन, कलश और घंटा भी भगवान शिव को अर्पित किए। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने भी श्रद्धा के साथ भाग लिया और भगवान शिव तथा काल भैरव के जयकारे लगाए। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर धाम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस अवसर पर महासिद्धेश्वर श्रृंगी ऋषि महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में भगवान शिव की असीम ऊर्जा का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष अनुभूति कराने वाला है और आने वाले समय में यह भारतवर्ष के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थानों में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव की आराधना और आस्था के साथ इस पवित्र स्थान से जुड़ने का आह्वान किया।
श्रृंगी ऋषि महाराज ने अपने धाम पहुंचने के आध्यात्मिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव ने उन्हें स्वप्न के माध्यम से नंदी तथा नाग-नागिन की स्थापना की अनुभूति कराई थी। उन्होंने कहा कि इस अनुभूति के बाद उन्हें यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके अनुसार पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम के प्रति उनके मन में विशेष श्रद्धा उत्पन्न हुई और इसी भाव के साथ वह यहां पहुंचे।
काल भैरव की प्रतिमा स्थापना को लेकर उन्होंने कहा कि वह स्वयं काल भैरव के भक्त हैं। इसी श्रद्धा और भक्ति भाव के कारण उन्होंने पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में काल भैरव की प्रतिमा स्थापित की है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और काल भैरव की आराधना भक्त के जीवन में विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और आस्था के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। इस दौरान श्रृंगी ऋषि महाराज ने भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक के भक्ति भाव और धार्मिक समर्पण की भी विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. शैलेश पाठक का भगवान शिव के प्रति भक्ति भाव उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि जब भोलेनाथ और काल भैरव की कृपा किसी व्यक्ति पर हो जाए तो उसे अपनी सभी चिंताओं को छोड़कर प्रभु पर विश्वास रखना चाहिए। उनके इस कथन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी अपनी आस्था व्यक्त की।
धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां देकर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नंदी की प्रतिमा स्थापना के साथ नाग-नागिन, कलश और घंटा अर्पित किए जाने को भी धार्मिक अनुष्ठान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और काल भैरव का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों की मौजूदगी रही। महासिद्धेश्वर श्रृंगी ऋषि महाराज के साथ उपजिलाधिकारी दातागंज विनोद सिंह समेत तहसील प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। धाम परिसर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे आयोजन में उत्साह के साथ सहभागिता की।
पंचतत्वेश्वर स्वयंभू महादेव धाम में काल भैरव की प्रतिमा स्थापना के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर भक्तों ने भगवान शिव और काल भैरव के जयकारे लगाए। आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच उपस्थित लोगों ने धाम की धार्मिक महत्ता और यहां हुए अनुष्ठान को विशेष अनुभव के रूप में महसूस किया।
















































































