प्रबंधन विभाग में ‘दीक्षारंभ 2026’ के तृतीय दिवस का सफल आयोजन
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के प्रबंधन विभाग में ‘दीक्षारंभ 2026’ के तृतीय दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. त्रिलोचन शर्मा ने की। इस अवसर पर आमंत्रित विशेषज्ञों एवं अतिथियों का मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जेएनयू के पूर्व डीन प्रो. अरविंद कुमार, दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. एच. सी. पुरोहित तथा अंतरराष्ट्रीय रिसोर्स पर्सन सुश्री चियाली चेन, Mandarin Chinese, Taiwan Centre of Excellence for Multilingual Studies उपस्थित रहे।
प्रो. अरविंद कुमार ने विद्यार्थियों को विकास एवं सार्थक सफलता के महत्व से अवगत कराया तथा जीवन में निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रो. एस. के. पांडे, डीन एकेडमिक्स, एमजेपीआरयू ने विद्यार्थियों को चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता विकसित करने का संदेश दिया।अंतरराष्ट्रीय रिसोर्स पर्सन सुश्री चियाली चेन ने अंतरराष्ट्रीय भाषा एवं वैश्विक संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भाषा को सीखना विभिन्न देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन-मूल्यों को समझने का माध्यम भी है।
प्रो. एच. सी. पुरोहित ने व्यक्तित्व विकास, मूल्य-प्रणाली, समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार एवं आध्यात्मिकता पर विशेष बल दिया। वहीं प्रो. अनिता त्यागी, विभागाध्यक्ष, मानविकी विभाग, एमजेपीआरयू ने विद्यार्थियों को अपने जीवन में सम्मान एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।डॉ. मंजुला सिंह ने विद्यार्थियों को प्रबंधन के मूल्यों एवं उनके व्यावहारिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रभावी प्रबंधन केवल तकनीकी दक्षताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय मूल्यों, नैतिकता और जिम्मेदारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री नेहा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. तुलिका सक्सेना एवं डॉ. सौरभ वर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।‘दीक्षारंभ 2026’ के इस सत्र में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रेरणादायी विचारों ने विद्यार्थियों को सार्थक सफलता, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ अपने भविष्य को आकार देने के लिए प्रेरित किया।
















































































