बरेली में मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, मारपीट और धमकी के आरोप ,दोनों ने दी तहरीर
बरेली। किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला रेती में शिव मंदिर में तोड़फोड़ और रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से थाना किला में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।प्रदीप गुप्ता उर्फ रिंकू की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, 14 सितंबर को वह मंदिर में साफ-सफाई कर रहे थे और मोहल्ले के कुछ लोग पूजा-पाठ कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान अशोक कुमारी पत्नी राजकुमार अपने पुत्र दीपू कश्यप, कुशल कश्यप उर्फ जीतू, धनेश्वर कश्यप उर्फ धीरज और बहू रेशम के साथ लोहे की सरिया व लाठी-डंडे लेकर मंदिर पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। तहरीर में राममूर्ति पत्नी स्वर्गीय बांके लाल और प्रदीप के चोटिल होने की बात कही गई है।प्रदीप का आरोप है कि संबंधित परिवार पिछले कई दिनों से मंदिर के काम का विरोध कर रहा था और कथित तौर पर धमकी देता था कि उनकी अनुमति के बिना मंदिर में कोई काम नहीं होने दिया जाएगा। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद कुछ लोगों को फोन कर मौके पर बुलाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। प्रदीप ने पुलिस से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।घटना को लेकर स्थानीय निवासी के वायरल ऑडियो के बारे में बातचीत में एक व्यक्ति ने दावा किया कि जीतू ने पुलिस को एक लाख रुपये देने की बात कही थी। हालांकि, यह आरोप ऑडियो में कही गई बात पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी ने यह भी बताया कि पुलिस के एक दरोगा और दो कांस्टेबल दूसरे पक्ष के घर पर मौजूद थे।एक अन्य ऑडियो में स्थानीय निवासी ने मंदिर को पहले की स्थिति में वापस कराने की मांग की। बातचीत में बताया गया कि मंदिर में करीब 20 साल पुराने दो पाए लगे थे, जिन्हें तोड़ दिए जाने का आरोप है। स्थानीय निवासी ने कहा कि मंदिर को ठीक कराने के बाद ही गणेश प्रतिमा स्थापित करने का काम किया जाएगा। पूछे जाने पर उसने मंदिर में तोड़फोड़ के लिए जीतू, दीपू, धीरज और उनकी मां पर आरोप लगाया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से दीपक ने भी थाना किला में तहरीर देने की बात कही है। दीपक के मुताबिक, विवाद रास्ता बंद किए जाने को लेकर शुरू हुआ। उसका आरोप है कि नगर निगम द्वारा पहले हटाए गए रास्ते को दोबारा बना दिया गया और बाद में रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। विरोध करने पर कथित तौर पर उसे थाना समेत अन्य जगह शिकायत करने की चुनौती दी गई।दीपक ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कई लोग मौके पर पहुंचे और उसके साथ मारपीट की गई। उसने कंधे और पैर में चोट लगने तथा सरिया से हमला किए जाने का आरोप लगाया। दीपक ने मारपीट में पंकज, रिंकू, केशव, अमित और माधव समेत अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में भी पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।मंदिर में ताला तोड़ने और तोड़फोड़ के आरोप से दीपक ने साफ इनकार किया। उसका कहना है कि वह करीब 15 वर्षों से मंदिर की सेवा करता रहा है और उसने मंदिर में कोई तोड़फोड़ नहीं की। इस तरह मंदिर की कथित तोड़फोड़, रास्ते के विवाद और मारपीट को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
















































































