संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में हिंदी दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कविता प्रतियोगिता हुई
सहसवान। संघटक राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी एक दिन नहीं हर दिन हिन्दी’ के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया । राष्टीय गीतकार डॉ उर्मिलेश शंखधार की कविताओं पर आधारित कविता वाचन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने डॉ उर्मिलेश की कविताओं का सस्वर वाचन किया।मुख्य अतिथि ममता सेवी संस्था की संस्थापक व समाज सेवी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ ममता नौगरैया , कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य डॉ गुरुदीप सिंह उप्पल, विशिष्ट अतिथि बिल्सी के प्रसिद्ध कवि ओजस्वी जौहरी, विष्णु असावा एवं निर्णायक मंडल में गिन्दो देवी महिला कालेज की विभागाध्यक्ष समाजसेवी डॉ सरला चक्रवर्ती , दीप्ति गुप्ता रही।
कार्यक्रम के लिए प्राचार्य डॉ.गुरुदीप सिंह उप्पल ने सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा -‘ हिन्दी एक ऐसी भाषा है जिसमें हम अपने उद्गार व्यक्त कर सकते हैं।’ममता नौगरैया ने कहा -इस कार्यक्रम के द्वारा छात्र-छात्राओं को हिंदी को समझने का एक सुअवसर प्राप्त हुआ, जिसके द्वारा छात्र-छात्राओं में गीत ,गजल एवं कविता को समझने का मौका व साथ ही उनके मौलिक चिंतन को गति प्रदान होगी।
सरला चक्रवर्ती ने कहा – हिन्दी भाषा हमारी आन ,बान शान है।
बिल्सी से आये विष्णु असावा ने कविता के माध्यम से कहा – देश तो बहुत से हैं पर इनमें से विष्णु
हिन्दी के ही कारण से भारत महान है.
बिल्सी से आये ओजस्वी जौहरी ने कविता के माध्यम कहा – क से लेकर ज्ञ तक का हमें ज्ञान कराती है हिन्दी
सात सुरों की सरगम का भी भान कराती है हिन्दी।
तुलसी मीरा सूर कबीरा बिन आखर क्या लिख पाते
जन मानस का पग पग पर सम्मान कराती है हिन्दी।
बदायूं से आयीं शिक्षिका दीप्ति गुप्ता ने कहा हिन्दी पर हमें गर्व होना चाहिए।
हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा कि हम अपने घर से ही हिंदी को प्रयोग में लाएं जिसके लिए हम हिंदी में हस्ताक्षर करें। सोशल मीडिया पर हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग करें। काव्य मय अंदाज में डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा -‘हिंदीमय हो जाए भारत ऐसा हम सम्मान करें।जब भी हम कुछ काम करें हिंदी में ही काम करें।।
हिन्दी एकता की संवाहक हम बने इसके आराधक,
वाणी से निसृत हिन्दी भाषा हो ऐसा अब परिणाम रचें।।’
डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य ने कहा- कि’ हिंदी हमारी राजभाषा है और हिंदी को हम हमेशा प्रयोग में लाते रहे।रब ने खुद ही जगा दिया मुझको ,जाने खुद ही उठा दिया मुझको गजल द्वारा अपने विचार व्यक्त किए ।डॉ. शुभ्रा शुक्ला ने कबीर व रहीम के दोहों को स्वर दिया। डॉ. ब्रह्मस्वरूप ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन व तरक्की के मार्ग पर जाने की राह दिखाई।
कार्यक्रम में डॉ. रजनी गुप्ता ,डॉ. शुभ्रा शुक्ला, डॉ. नवीन, डॉ सौरभ नागर,डॉ. राजेश,डॉ. ब्रह्मस्वरूप सिंह, डॉ टेकचंद,डॉ नीति सक्सेना, डॉ सुरजीत सिंह मौर्य आदि शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए।डॉ उर्मिलेश शंखधार कविता वाचन प्रतियोगिता में प्रस्तुति देने वाले छात्र- छात्राओं में अंजलि, गुलिस्तां बी, रानी, सिद्धि माहेश्वरी,अलैना,जिकरा बी रहीं जिसमें
प्रथम स्थान – अबुतुराब समर ने
द्वितीय स्थान – जिकरा बी ने
तृतीय स्थान – गुलिस्तां बी ने प्राप्त किया।
निर्णायक मंडल में सरला चक्रवर्ती, दीप्ति गुप्ता एव ओजस्वी जौहरी रहे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में जिकरा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की । रिद्धि माहेश्वरी,भाषण में अबुतराब समर, अब्दुल सहसवानी की गजल,सना बी ने हिन्दी उर्दू पर कविता तो शौफ मौहम्मद की हास्य रचना ने गुदगुदाया, व शिफा रहमान, रिद्धि माहेश्वरी व सिद्धि माहेश्वरी व मन्तशा ने भाषण प्रस्तुत किया।
सभी प्रतिभागी बच्चों को ममता सेवी संस्था व संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान के संयुक्त तत्वावधान में पुरस्कृत किया गया। महाविद्यालय की एम.ए होमसाइंस की टापर इला सक्सेना को पुरस्कृत किया गया।
संचालन डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने किया। संयोजन डॉ शुभ्रा माहेश्वरी व डॉ सुरजीत सिंह मौर्य का रहा। अंत में डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में मनोज कुमार ,रोदास,संदीप आशीष की उपस्थिति एवं सहयोग रहा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण हिन्दी दिवस,सैल्फी प्वाइंट, रंगोली व हाट हुनर कला स्टाॅल रहे ।जो छात्राओं में रिद्बि,सिद्धि माहेश्वरी का हस्तशिल्प कला कौशल व पानी पूरी स्टाॅल व मंजलि, अंजलि ,नेहा ,कविता, तुलसी, कीर्ति की रंगोली,आन्या साहू व जिकरा द्वारा बनाया सैल्फी प्वाइंट कार्यक्रम की जान रहा। महाविद्यालय के लिए डॉ ममता नौगरैया ने अपनी पुस्तकों में सब कुछ संभव है,रसोई शिक्षा,जल संरक्षण, कारगिल शहीद, प्रकृति , वृद्धावस्था ,साइबर एलर्ट आदि भेंट दीं।
सभी शिक्षकों को ममता सेवी संस्था की संस्थापक डॉ ममता नौगरैया एवं पदाधिकारी दीप्ति गुप्ता ,सरला चक्रवर्ती द्वारा पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।विद्यार्थियों में राजकुमार,नितिश,नीरज,सचिन शाक्य,महविश,पारिस, नेहा, मानसी नंदिनी,रेखा,वर्षा,समरीन,शैरीन,ललतेश, ममतेश,रिजा आदि सहित काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।
छात्र खाबर हसन ने दिल्ली से ही आनलाइन प्रस्तुति देते हुए कहा-मुझसे बोला किसी ने ऐसा क्या है हिन्दी में,
मैंने कहा ज़िन्दगी का सुकुन है हिंदी में,
मिठास है ज़िन्दगी की हिन्दी में, इंग्लिश के थैंक्यू से कहीं धन्यवाद में अपनापन है हिन्दी में,कहीं कुछ भी न हो बस कुछ बात है हिन्दी में
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