बरेली। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर 01 सितंबर को संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल, बरेली को दिए गए पत्र व मण्डल आयुक्त, जिलाधिकारी को दिए गईं प्रतिलिपि पर निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किए जाने को अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी के विरोध में 14 सितंबर 2026, सोमवार को एक बजे संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल, बरेली कार्यालय का घेराव किया जाएगा।परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर परिषद ने हमेशा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है। 01 सितंबर को पत्र देने के बावजूद समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, अब कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है ।उन्होंने कहा कि 14 सितंबर का घेराव कर्मचारियों की एकजुटता और उनके अधिकारों की आवाज बनेगा। मंडल के कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं और अपनी मांगों के लिए मजबूती से आवाज उठाएं।परिषद ने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के बाद भी कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने दो टूक कहा है कि कर्मचारियों को केवल आश्वासन देकर शांत नहीं किया जा सकता। परिषद की मांग है कि 01 सितंबर को दिए गए पत्र पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। 14 सितंबर को होने वाला घेराव अब कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार और न्याय की निर्णायक आवाज बनेगा।