बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को कथक गुरुओं और विद्यार्थियों ने अपने कथक नृत्य के माध्यम से जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, प्रेम, भक्ति और उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों का कथा कान्हा की में मंचन किया। कार्यक्रम का आरंभ कथक के विद्यार्थियों कविमना, अन्वी, आयत, मीरा, विविक्षा, नित्या, त्रिशिका, मुक्तिका, पंखुड़ी, अनिका, प्रेमिका, वार्निका, नित्या ढींगरा, नित्या जैन, प्रकृति, जोया, खुशी, गौरा, वैदेही, गुरनूर, अनायास, गौरिका, अनुभूति, रित्विका, नितारा, मधुर, समृद्धि, नायरा, नूपुर नियति, प्रियभाषिनी ने किया। विद्यार्थियों ने कान्हा की माखन चोरी की लीला, कालिया दमन लीला का कथक नृत्य के माध्यम से मंचन किया। कथक गुरु अंशु कुमार शर्मा और विद्यार्थियों ने गिरि गोवर्धन लीला का प्रदर्शन किया, जबकि कथक गुरु देव ज्योति नमस्कार, लिया श्री चटर्जी के साथ विद्यार्थियों ने रासलीला का खूबसूरत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में गायक गुरु प्रियंका ग्वाल और सात्विक मिश्रा ने अपने स्वरों के माध्यम से और इंस्ट्रुमेंटल गुरु दीप कांत जौहरी एवं अमर कांत (तबला), पवन भारद्वाज एवं डेरिक अमन जेम्स (कीबोर्ड), ऋषभ पाठक (पखावज), सीमा (सितार), अनुग्रह सिंह (ड्रम) के माध्यम से कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति , आदित्य मूर्ति , आशा मूर्ति , ऋचा मूर्ति , देविशा मूर्ति , उषा गुप्ता, डा. एमएस बुटोला, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. अनुज कुमार, डा. शैलेश सक्सेना, डा. रीता शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपाली सक्सेना ने किया।